प्रतापगढ़ जिले के लोहारिया ग्राम पंचायत में यूरिया खाद की बढ़ती किल्लत से परेशान किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने लैंप पर ताला लगाकर अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में सहकारिता मंत्री गौतम दख और राजस्व मंत्री हेमंत मीणा जैसे दो बड़े मंत्री होने के बावजूद खाद की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। किसानों ने बताया कि बाजार में यूरिया खाद उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें 270 रुपए की बोरी 500-600 रुपए तक में खरीदनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यह सीधे तौर पर कालाबाजारी है, जिस पर प्रशासन कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध नहीं होगी, तब तक लैंप बंद रहेगा और ताला नहीं खोला जाएगा। ग्रामीण नरेंद्र कुमार ने बताया कि केवल यूरिया ही नहीं, डीएपी खाद भी 1600 रुपए में बेची जा रही है, जिससे किसानों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। प्रतापगढ़ के सिटी बाजार सहित कई स्थानों पर महंगे दामों में खाद बेचे जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच शंकरलाल मीणा, ग्रामीण नरेंद्र मीणा, धीरज मीणा और नारायण मीणा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार में मनमाने दाम वसूलने वाले व्यापारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और खाद वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को उचित मूल्य पर खाद मिल सके।


