शाजापुर में बच्चों में लैंगिक हिंसा, पॉक्सो एक्ट, मानसिक स्वास्थ्य और जेंडर भेदभाव के संबंध में शनिवार को कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें लोगों को जेंडर भेदभाव के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित वर्कशॉप में एडीपीओ प्रतीक श्रीवास्तव, जनसाहस एनपीओ के प्रवक्ता एडववोकेट विकास सूर्यवंशी, राजेन्द्र पिपलोदिया व उर्मिला ने जानकारी दी। महिला व पुरुषों में समानता का भाव लाने के लिए, बालिकाओं व महिलाओं के साथ मानसिक व शारीरिक शोषण या हिंसा न हो, इसे लेकर समझाइश दी। परिवार और समाज में समानता का माहौल बनाकर बेटे-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने के लिए योगदान देने के लिए कहा गया। महिला, बच्चों व पुरुषों को वर्तमान में सायबर अपराधों के प्रकारों व उनसे बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें नशा मुक्ति अभियान के तहत नशे के दुष्पपरिणामों से भी अवगत कराने का संदेश दिया गया। कार्यशाला में एसडीओपी गोपालसिंह चौहान, डीएसपी अजाक शैलेन्द्र शर्मा, रक्षित निरीक्षक श्रीमती वंदना सिह, थाना प्रभारी अजाक व जिले के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।


