लोककला और संस्कृति छत्तीसगढ़ प्रदेश की आत्मा है: तारणी चंद्राकर

भास्कर न्यूज | कलंगपुर ग्राम कजराबांधा में छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं लोक परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से लोककला महोत्सव का आयोजन किया गया। इस लोककला महोत्सव का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उन्होंने कहा कि लोककला और संस्कृति छत्तीसगढ़ की आत्मा है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलता है और हमारी नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहती है। कजराबांधा में आयोजित यह लोककला महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं स्थानीय निकाय लोक कलाकारों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ी लोक विधाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य कांति सोनेश्वरी सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। शुभारंभ के बाद लोककला महोत्सव में स्थानीय कलाकारों द्वारा पंथी, सुआ, करमा एवं ददरिया जैसे पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी । इस अवसर पर प्रमुख रूप से परमेश्वर साहू, डॉ. उत्तम साहू, तोमेश साहू, संतराम साहू, बसंत साहू, तामेश्वर पटेल आदि उपस्थित रहे।

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