भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री गुरु तेग बहादुर कालेज फार वुमन, खालसा कालेज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल रंजीत एवेन्यू और खालसा कालेज पब्लिक स्कूल जीटी रोड में लोहड़ी उत्साह से मनाया गया। प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी चोपड़ा, प्रिंसिपल निर्मलजीत कौर गिल, अमरजीत सिंह गिल ने विद्यार्थियों के साथ मिल कर भुग्गा जला कर रस्म के अनुसार तिल आदि डालते हुए ईसर आ, दलिद्र जा, दलिद्र की जड़ चुल्ले पा जिसका मतलब परमात्मा की मेहर हो, दुख कलह न आए व सारे कलह की जड़ जल जाएं लोहड़ी का गीत गाया। प्रिंसिपल डॉ. चोपड़ा, गिल ने कहा कि लोहड़ी का सभ्याचारिक महत्व है। क्योंकि यह लोगों को एकजुट करते हुए एकता शक्ति के रूप में काम करती है। लोहड़ी भारत के सबसे अधिक मनाए जाने वाले पर्व में एक है। यह पर्व किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह हाड़ी की फसल, खासकर गन्ना, गेहूं व सरसों की कटाई को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोहड़ी कटाई के मौसम की शुरूआत को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि माघी की सिख इतिहास में बहुत महत्ता है। हर साल 40 सिख मुक्तों की शहादत की याद में श्री मुक्तसर साहिब में माघी का मेला बहुत ही श्रद्धा व सम्मान से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के रूप में जाने जाते इस त्यौहार को समूह भारत में ठंड में पकी फसल का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी उन 40 मुक्तों के साथ है, के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी सांझी की।


