भास्कर न्यूज| लोहरदगा एनसीईआरटी, नई दिल्ली के समृद्धि कार्यक्रम 2025 के तहत झारखंड राज्य के झारखंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद रांची में राज्य स्तरीय समृद्धि 2025 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) द्वारा आयोजित एक कला-संबंधित कार्यक्रम है, जिसमें कला उत्सव 2024-25 के हिस्से के रूप में “समृद्धि” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर कला-एकीकृत शिक्षा को बढ़ावा देना और शिक्षकों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम एनसीएफ-एसई के तहत 2025-26 सत्र के लिए घोषित नई एनसीईआरटी पुस्तकों के संदर्भ में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए समर्पित कार्यक्रम है। विशेषकर कक्षा 9 से 12 के लिए विज्ञान, गणित, मानविकी और भाषा आदि विषयों को कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम यथा दृश्य, कला, संगीत, नाट्य आदि विधाओं के द्वारा सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक तकनीकी माध्यम से पठन पठान कराए जाने को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई शिक्षा नीति को समर्पित है। समृद्धि कला कार्यक्रम माध्यमिक स्तर पर कला-एकीकृत शिक्षण शास्त्र को बढ़ावा देने और शिक्षकों की रचनात्मकता और नवीन शिक्षण विधियों को प्रोत्साहित करने के लिए है। जिसका मुख्य उद्देश्य कला को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुरूप एकीकृत करना है, जिससे समग्र और व्यापक शिक्षा को बढ़ावा मिले। यह कार्यक्रम विभिन्न स्तरों पर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है, और सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियां राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेती हैं। इसी क्रम में जिले के दो शिक्षकों द्वारा समृद्धि कार्यक्रम में जिला का प्रतिनिधित्व किया गया। जिनमें मुकेश कुमार यादव, भौतिक विज्ञान शिक्षक, राजकीयकृत प्लस 2 गांधी मेमोरियल उच्च विद्यालय, माराडीह, कुडू और विनीत कुमार, गणित शिक्षक, राजकीयकृत प्लस 2 डॉ अनुग्रह नारायण उच्च विद्यालय, कैरो के शिक्षक ने भाग लिया। एनसीईआरटी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आदर्श पाठ्यपुस्तकें और शैक्षिक सामग्री तैयार और वितरित करने के लिए समृद्धि कार्यक्रम 2025 में मुकेश कुमार यादव, भौतिक विज्ञान शिक्षक राज्य स्तर पर अपनी बहुमुखी प्रतिभा के बल पर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला का नाम रौशन किया।


