भास्कर संवाददाता | चूरू पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मंगलवार को जिलेभर में कई कार्यक्रम हुए। सर्वसमाज के लोगों ने चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि देकर नमन किया। रतनगढ़ रोड स्थित आदर्श छात्रावास में पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की जयंती राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में सर्वसमाज के लोगों ने चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्य अतिथि एडवोकेट आशाराम सैनी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने जाति व्यवस्था के खिलाफ काफी संघर्ष किया। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में भी अनेक कार्य करते हुए किसान कल्याण का रास्ता दिखाया। अध्यक्षता कर रहे अमीलाल कस्वां ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के हक में कई सकारात्मक बदलाव किए, जिनसे किसानों को आज तक फायदा हो रहा है। छात्रावास समिति अध्यक्ष मोहनलाल आर्य ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों को अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया। चंद्रमोहन सैनी, अमर सिंह दनेवा, गिरधारी लाल तंवर, किसान सभा अध्यक्ष इंद्राज सिंह, गिरधारी लाल सियाग, डॉ. जमील चौहान, रामचंद्र राजोतिया, दीपाराम प्रजापत, रामरतन मेघवाल, शमशेर खान, मनीष कुमावत आदि उपस्थित थे। संचालन किसान यूनियन जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने किया। वीर तेजा सामुदायिक भवन में भी हुआ कार्यक्रम : इधर, वीर तेजाजी सामुदायिक भवन में पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई गई। सर्वसमाज के लोगों ने श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष आदूराम न्यौल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे। प्रो. एचआर इसराण ने उनके जीवन और आदर्शों के बारे में बताया। सांवरमल बुडानिया, किशनाराम बाबल, सूरजमल कड़वासरा, देवकरण रणवा, यशपाल रणवा, रामकुमार खीचड़, भंवरलाल कस्वां, सुल्तान जड़िया, रामलाल सारण, सहीराम पूनिया, अनिल रणवा, रामनिवास भांभू, महेंद्र रूलानिया आदि उपस्थित थे। जाट समाज विकास संस्था के सचिव विजयपाल सिंह लांबा ने आभार जताया। संचालन हरफूल सिंह बेरवाल ने किया। इसी तरह राजस्थान जाट महासभा चूरू के कार्यालय मंे बीरबल सिंह बलारा की अध्यक्षता में पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के जीवन, उपलब्धियों और आदर्शों पर विचार रखे। कार्यक्रम में महासभा जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह कस्वां, प्रदेश उपाध्यक्ष रामरतन सिहाग, संभाग अध्यक्ष हरफूलसिंह भांबू, महासचिव रामलाल सहारण, कोषाध्यक्ष धर्मपाल सहारण, रामनिवास भांबू आदि थे।


