भास्कर न्यूज | गिरिडीह वनखंजो के पास उसरी नदी में अवैध बालू खनन अब बेखौफ कारोबार बन चुका है। नदी के भीतर करीब एक किलोमीटर के दायरे में हर दिन लगभग 2 हजार सीएफटी बालू का खुलेआम उठाव किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल दिन के उजाले में, ट्रैक्टरों के जरिए धड़ल्ले से चल रहा है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। एक माह पहले तक बालू माफिया सुबह-सुबह चोरी-छिपे खनन करते थे, लेकिन अब सिंडिकेट इतना मजबूत हो चुका है कि मजदूरों से नदी के अंदर ट्रैक्टर उतारकर दिनदहाड़े खनन और लोडिंग करवाई जा रही है। जिला खनन विभाग और गिरिडीह सदर अंचल कार्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं पहुंच रहा। बालू माफिया की सेटिंग इतनी तगड़ी है कि न तो शहर की पुलिस और न ही प्रशासनिक अमला इस इलाके में नजर आता है। नतीजा यह है कि सुबह से शाम तक 5 से 7 ट्रैक्टर लगातार नदी से बालू निकालते देखे जा सकते हैं। बालू लोड करने के बाद ट्रैक्टर नदी के अंदर बनाए गए कच्चे रास्ते से वनखंजो उसरी रेलवे पुल के पास निकलते हैं। माफियाओं ने ट्रैक्टरों की निर्बाध आवाजाही के लिए नदी के भीतर ही रास्ता बना दिया है। इसके बाद बालू शहर के अलग-अलग इलाकों में आराम से खपाई जा रही है। जल्द होगी छापेमारी जिला खनन निरीक्षक विश्वनाथ उरांव ने कहा कि बालू के अवैध उठाव को लेकर समय-समय पर छापेमारी की जाती है और वाहनों को जब्त किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि वनखंजो इलाके में फिर से छापेमारी की जाएगी, ताकि नदी से हो रहे अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। घाट से दो किलोमीटर तक 1200 रुपये और पांच किलोमीटर दूरी पर 2500 रुपये में बालू बेच जा रहा वनखंजो घाट से बालू शास्त्री नगर के रास्ते शहर, सिहोडीह होते हुए शीतलपुर, पांडेयडीह, हरिचक से पचंबा और बोडो की ओर भेजी जा रही है। इन मार्गों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से पक्की सड़कों पर मिट्टी और बालू की मोटी परत जम गई है। कई जगह नदी का पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बालू की बिक्री भी मनमाने दाम पर हो रही है। घाट से दो किलोमीटर तक 1200 रुपये और पांच किलोमीटर दूरी पर 2500 रुपये में बालू बेची जा रही है। पुलिस की कार्रवाई बेअसर उसरी नदी के पिंडाटांड घाट पर दिनदहाड़े हो रहे बालू उठाव की सूचना पर पांच दिन पहले पचंबा पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस को देखते ही कई ट्रैक्टर चालक जंगल के रास्ते फरार हो गए। एक चालक ट्रॉली छोड़कर केवल इंजन लेकर भाग गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर थाना लाया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच बहस भी हुई, लेकिन इस कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ा और बालू उठाव बदस्तूर जारी है।


