वन विभाग जमीन पर बनी होटल, दुकानों को तोड़ा:8 JCB मशीनों से हटाए गए निर्माण, अब बनेगा ‘नमो पार्क’

बाड़मेर के गडरारोड सर्किल पर वन विभाग की जमीन पर सालों से चल रहे अतिक्रमण को 7-8 JCB मशीनों से शुक्रवार को हटाया गया। इसमें पक्के और कच्चे सभी तरह के अतिक्रमण को तोड़ा गया। करोड़ों रुपए की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। DFO सविता दहिया ने बताया- करीब 2 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जहां अब आकर्षक रूप से ‘नमो पार्क’ विकसित किया जाएगा। यह था मामला दरअसल, बाड़मेर शहर में नमो पार्क बनने के लिए गडरारोड सर्किल के पास जमीन आरक्षित की गई है। यह हाईवे से सटी हुई कई बीघा इलाके में फैली हुई है। भूमाफियाओं ने यहां पर साल 2007 से अतिक्रमण शुरू कर फर्जी डाक्यूमेंट्स के आधार पर पक्के निर्माण कर दिए थे। इनमें होटल और ढाबे बनाकर शराब और नॉनवेज परोसकर लाखों रुपए की कमाई की जा रही थी। कैसे चला अभियान सुबह वन विभाग, प्रशासन और भारी पुलिस जाब्ता 7-8 JCB मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। यहां करीब 2007 से अवैध कब्जे कर पक्के निर्माण कर दिए गए थे। कई होटल, ढाबे और शराब परोसने वाले ठिकाने चल रहे थे। रात में शराब की महफिलें सजती थी और लाखों की कमाई हो रही थी।टीम ने 4 घंटे में सभी पक्के-कच्चे निर्माण तोड़ दिए। मलबे में शराब की कई बोतलें भी मिलीं। बनाकर लोगों को फर्जी दस्तावेज तैयार करके बेच रहे थे। हमें उम्मीद है कि आगे यह पार्क बनेगा लोगों के लिए सुविधाजनक स्थापित होगा। तस्वीरों में देखे… वन विभाग की जमीन से हटाए अतिक्रमण यहां पर बनेगा नमो पार्क डीएफओ (उप वन संरक्षक) सविता दहिया ने बताया- बाड़मेर शहर के बीचोंबीच 2007 से अतिक्रमण किया हुआ है। साल 2016 से मामला कोर्ट में चल रहा था। इनसे समझाइश भी की गई। यह लोग मान भी गए कि वन विभाग की भूमि है। इसके बावजूद यह दुकानें वगैरा बनाकर भोलेभाले लोगों को गलत जानकारी देकर दुकानें दे रहे थे। जब यह जानकारी हमारे सामने आई कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए अतिक्रमण को हटाया गया है। प्रशासन का पूरा सहयोग मिला है। लोगों के लिए पब्लिक के लिए नमो पार्क बना जा रहे है। इतनी सुंदर पहाड़ियां है। इसके नीचे यह इलाके में पार्क है। वन विभाग की जमीन पर फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर बेचान कुछ गैर कानूनी तरीके से लोग काम कर रहे थे। यह भी कंट्रोल हो जाएगी। आम लोगों के लिए भी सुविधा हो जाएगी। बहुत शानदार यहां पर नमो पार्क बनाएंगे। शिकायतें हमें काफी समय से मिल रही थी। लेकिन जो सरकारी प्रक्रिया होती है। उसको फॉलो करने में हमें समय लगा। हमने यहां पर देखा कि अन लीगल शराब ठेका बना रखा था। उसको हमने आज हटाया है। सबसे बड़ा इश्यू यहां था कि दुकान

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