शाजापुर में वन विभाग ने सेही का शिकार कर उसे पकाने की कोशिश कर रहे तीन लोगों को सोमवार शाम गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। वन विभाग के अधिकारी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रहे हैं। उनके पास से एक स्कूटी भी बरामद की गई है। जानकारी के अनुसार, रविवार को दिल्लोद निवासी ऋषिराज (18) अपने प्याज के खेत में काम कर रहा था। उसने देखा कि एक सेही उसके प्याज को नुकसान पहुंचा रही है। ऋषिराज ने पत्थर मारकर सेही को मार दिया। इसके बाद उसने अपने परिचित निजी चिकित्सक भेरूलाल (55) को सूचना दी। भेरूलाल ने ऋषिराज को बताया कि सेही का जूस पीने से स्वास्थ्य को लाभ होता है। इसके बाद उन्होंने अपने एक और साथी कपिल (21) को साथ लिया। तीनों लोंदिया रोड पर एक ढाबे वाले के पास पहुंचे और उसे सेही के कांटे उतारकर पकाने के लिए कहा। उन्होंने ढाबे वाले से आधा सेही रखने और बाकी उन्हें देने की बात कही। हालांकि, आरोपी अपनी योजना में सफल हो पाते, इससे पहले ही वन विभाग को इसकी सूचना मिल गई। विभाग ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में ऋषिराज ने बताया कि वह सेही से परेशान था क्योंकि वह उसके प्याज को नुकसान पहुंचा रही थी। उसने उसे भगाने की कोशिश की थी, लेकिन वह मर गई। इनको किया गिरफ्तार वन विभाग ने भेरूलाल पिता बालचंद्र (55) निवासी ज्योतिनगर, ऋषिराज पिता सुरेसिंह (18) निवासी दिल्लौद और कपिल पिता मनोहर सिंह (21) निवासी दिल्लौद को गिरफ्तार किया है। सेही को लेकर कई तरह की अफवाहें प्रचलित हैं। ऐसा माना जाता है कि इसका जूस पीने से शरीर को फायदा होता है और इसका बाजार मूल्य भी बहुत अधिक होता है। इन्हीं अफवाहों के चलते यह प्राणी अब अपनी पहचान खोता जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने भी इसे पकाकर खाने की योजना बनाई थी। वन्यप्राणी का पीएम कराएंगे शाजापुर उप वन मंडलाधिकारी एफएस निनामा ने कहा की सेही का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ा है। जानवर का पीएम किया जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


