लुधियाना| गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज़ यूनिवर्सिटी, लुधियाना के शोधकर्ताओं के लिए यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर बड़ी अकादमिक पहचान बनकर सामने आई है। यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए ‘वन हेल्थ’ आधारित शोध को एल्सेवियर प्रकाशन की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका साइंस इन वन हेल्थ में शीर्ष दस सर्वाधिक उद्धृत शोध लेखों में स्थान मिला है। इस उपलब्धि के लिए शोध लेख से जुड़े सभी लेखकों को प्रकाशक की ओर से ‘हाई सिटेशन इम्पैक्ट सर्टिफिकेट’ प्रदान किया गया है। यह सम्मान संयुक्त रूप से डॉ. मनजीत शरण, डॉ. दीप्ति विजय, डॉ. जय प्रकाश यादव, डॉ. जसबीर सिंह बेदी और डॉ. पंकज ढाका को उनके शोध लेख “पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की निगरानी एवं प्रतिक्रिया रणनीतियाँ: एक व्यापक समीक्षा” के लिए दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस शोध लेख को प्रकाशन के एक वर्ष के भीतर ही सौ से अधिक बार उद्धृत किया गया, जिससे इसके वैज्ञानिक प्रभाव और प्रासंगिकता को वैश्विक मंच पर मान्यता मिली है। शोध में पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की निगरानी प्रणाली, प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और समन्वित प्रतिक्रिया रणनीतियों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच आपसी संबंधों को ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण के तहत स्पष्ट किया गया है, जो भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है। इस उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने शोध टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह मान्यता न केवल यूनिवर्सिटी के अकादमिक स्तर को दर्शाती है, बल्कि युवा शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता और नीति-उन्मुख अनुसंधान के लिए भी प्रेरित करती है।


