अहमदपुर| मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई और ग्राम के सभी मंदिरों में विशेष पूजा की गई। अहमदपुर में निजी स्कूलों सहित आधा दर्जन स्कूलों में मां सरस्वती, कामदेव और भगवान विष्णु की पूजा छात्र-छात्राओं द्वारा की गई। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि जब फूलों पर बहार आ जाए, खेतों में सरसों का फूल सोने सा चमकने लगे, गेहूं की बालियों खिलने लगे, आमों के पेड़ों पर मांजर (बौर) आ जाता है और हर तरफ रंग-बिरंगी तितलियों मंडराने लगे, भर-भर भंवरे भंवराने लगते हैं, तब वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पांचवें दिन उत्सव मनाया जाता था, जिसमें विष्णु और कामदेव की पूजा होती हैं। इसे ही वसंत पंचमी का त्योहार कहते हैं।


