भास्कर न्यूज | गिरिडीह शारदीय नवरात्र के समापन पर गुरुवार और शुक्रवार को शहर में मां दुर्गा की विदाई से पहले महिलाओं ने मां को कोइछा दिया। मां को सिंदूर लगाया और फिर एक दूसरे को सिंदूर लगाया और सिंदूर खेला किया। पूजा पंडालों में महिलाओं ने परंपरागत तरीके से मां को सिंदूर अर्पित किया। मां दुर्गा की विदाई के साथ पूरे शहर का माहौल भावुक हो उठा। श्रद्धालु ‘आगले बरस तू जल्दी आ’ का जयकारा लगाकर माता रानी से पुनः शीघ्र आगमन की प्रार्थना करते दिखे। एकेडेमी, बड़ी दुर्गा मंडप, छोटकी दुर्गा मंडप, बाभनटोली दुर्गा मंडप, रेलवे स्टेशन, विश्नानथ मंदिर, बरगंडा दुर्गा मंडप, िसरिसिसया दुर्गा मंडप, भंडारीडीह, अल्कापुरी समेत सभी दुर्गा मंडपों में महिलाओं ने मां को सिंदूर लगाया फिर एक दूसरे को भी सिंदूर लगाया। विभिन्न पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने मां दुर्गा को चढ़ावे के रूप में श्रृंगार सामग्री और सिंदूर अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज और मंत्रोच्चारण के बीच कोइछा का आयोजन हुआ। महिलाएं आपस में सिंदूर लगाकर एक-दूसरे के परिवार की खुशहाली और दीर्घायु की मंगलकामना करती नजर आईं। सिंदूर खेला के दौरान माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। रंगी महिलाएं मां की विदाई के समय भावुक भी दिखीं। ढाक की थाप और शंखध्वनि के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन यात्रा के लिए विदा किया गया।


