गिरिडीह | सम्राट अशोक क्लब शाखा गिरिडीह ने शहर के बुद्ध ज्ञान विद्यालय में अशोक धम्म विजय दशमी का आयोजन किया । इस अवसर पर वक्ताओं ने सम्राट अशोक की धम्म विजय को इतिहास और मानवता की अद्वितीय घटना बताया। कार्यक्रम में बताया गया कि कलिंग युद्ध की विभीषिका देखकर सम्राट अशोक ने विजय का मार्ग त्यागकर धम्म विजय को अपनाया। उन्होंने अहिंसा, करुणा, सहिष्णुता और लोककल्याण को शासन की आधारशिला बनाया। अशोक के शिलालेखों में वर्णित धम्म नीति को आज भी आदर्श माना जाता है। सम्राट अशोक ने युद्ध नहीं, बल्कि नैतिकता, प्रेम और सेवा को सच्ची विजय माना। उन्होंने अपने साम्राज्य में न केवल धम्म का प्रचार किया, बल्कि विदेशों तक धम्म दूत भेजे।


