विदिशा शहर के विकास और समस्याओं को लेकर पार्षदों का धरना प्रदर्शन पिछले 20 दिनों से जारी है। रविवार को धरने पर बैठे पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र सक्सेना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक बयान पर कटाक्ष किया है। सक्सेना ने शिवराज सिंह चौहान को भीष्म पितामह और स्थानीय विधायक मुकेश टंडन को दुर्योधन बताते हुए कहा कि जिस प्रकार भीष्म पितामह ने हस्तिनापुर की रक्षा का वचन लेकर गलत शासन का भी साथ निभाया, उसी तरह आज शिवराज जी भी विदिशा विधायक का हर हाल में साथ दे रहे हैं। शिवराज पर विधायक का दबाव है उन्होंने बताया कि धरना प्रदर्शन के दौरान शिवराज सिंह चौहान दो बार विदिशा आ चुके हैं और उन्हें धरने की पूरी जानकारी भी है। गुलाबगंज में उन्होंने पार्षदों के साथ बैठकर बात करने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई मुलाकात नहीं हुई है। सक्सेना ने आरोप लगाया कि विधायक का उन पर इतना दबाव है कि वे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। विदिशा विधायक विकास कार्यों को रोक रहे सक्सेना ने विधायक मुकेश टंडन पर विदिशा के विकास कार्यों को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के पार्षद विकास कार्यों के लिए चुने गए थे, लेकिन उन्हें डरा-धमकाकर घर बैठा दिया गया है। कुछ पार्षदों को पुलिस केस की धमकी दी गई, जबकि अन्य पर दबाव बनाया गया, जिससे वे समर्थन न कर सकें। सर्मथन जुटाने पार्षद जनता के बीच जा रहे धर्मेंद्र सक्सेना ने कहा कि उनका धरना 19वें दिन में पहुंच चुका है और अब वे जनसमर्थन जुटाने के लिए समाज के हर तबके के बीच जा रहे हैं। उन्होंने जनता से समर्थन पत्र लेने और विकास रोकने वाली “तानाशाही” के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने की बात कही। सक्सेना ने विश्वास व्यक्त किया कि इस “युद्ध” में “दुर्योधन” की हार निश्चित है।


