विदिशा जिले के लटेरी वन परिक्षेत्र में लकड़ी तस्करी के लिए अब बैलगाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वन विभाग ने निसोवर्री इलाके से तीन बैलगाड़ियां जब्त की हैं, जिनमें अवैध रूप से जलाऊ लकड़ी ले जाई जा रही थी। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात करीब 4 बजे की गई। वन अमले को देखकर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। वन विभाग को मंगलवार देर रात अवैध रूप से जलाऊ लकड़ी ले जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम निसोवर्री इलाके में पहुंची। मौके पर तीन बैलगाड़ियां मिलीं, जिनमें लकड़ी भरी हुई थी। वन अमले को देखते ही आरोपी भागे
जैसे ही तस्करों को वन अमले के पहुंचने की भनक लगी, वे अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, आरोपी बैलगाड़ियां और लकड़ी वहीं छोड़ गए। वन विभाग ने मौके से लकड़ी सहित तीनों बैलगाड़ियों को जब्त कर लिया है। अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। लटेरी के घने जंगल लंबे समय से तस्करों के निशाने पर लटेरी क्षेत्र विदिशा जिले के सबसे घने जंगलों में से एक है। यह इलाका लंबे समय से वन माफियाओं के निशाने पर रहा है। तस्कर सागौन जैसे कीमती पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। वन विभाग के अनुसार पहले तस्कर मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों से लकड़ी की तस्करी करते थे। अब विभाग की सख्ती के चलते बैलगाड़ियों का उपयोग कर लकड़ी ले जाई जा रही है। निगरानी और गश्त और सख्त की जाएगी: वन विभाग वन विभाग ने कहा है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद क्षेत्र में लकड़ी तस्करी जारी है। इसे रोकने के लिए निगरानी और गश्त को और अधिक सख्त किया जाएगा।


