विधानसभा की कार्यवाही का कांग्रेस ने किया बायकॉट:सुरक्षाकर्मियों से भिड़े निलंबित विधायक; सदन में जाने की जिद पर अड़े; 4 दिन बाद धरना खत्म

विधानसभा में 4 दिनों से चल रहा कांग्रेस विधायकों का धरना सोमवार को बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। इंदिरा गांधी पर विवादित टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस विधायकों ने बायकॉट की घोषणा की और सदन से बाहर निकल आए। कांग्रेस विधायक बायकॉट करके बाहर निकले तो निलंबित विधायक भी बाहर आए। कुछ देर बाद निलंबित विधायक हाकम अली, जाकिर हुसैन गैसावत, संजय जाटव दोबारा विधानसभा के अंदर जाना चाह रहे थे तो सुरक्षा कर्मियों ने नियमों का हवाला देकर उनको अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान उनकी सुरक्षाकर्मियों से तीखी नोंक-झोंक हुई। इससे पहले सदन में बजट पर बहस के दौरान मार्शलों की घेराबंदी में कार्यवाही चली, जबकि कांग्रेस विधायक वैल में नारेबाजी करते रहे। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने एक सदस्य पर सदन को हाईजैक करने का आरोप लगाया। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा- डोटासरा स्पीकर के चेंबर में हुई बात से मुकर गए। वे अपने वरिष्ठ सदस्यों की बात नहीं मान रहे। सोमवार को स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत 6 विधायकों को सदन से बाहर जाने को कहा। हंगामे के चलते कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। देर शाम को विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस विधायकों की बहाली अटकी
विधानसभा में गतिरोध नहीं टूटने के पीछे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की माफी न मांगने के अलावा एक और बड़ा कारण सामने आया है। जब गतिरोध समाप्त होने की स्थिति में था, तब डोटासरा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। स्पीकर ने सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। मामला तब और बिगड़ गया जब स्थगन के दौरान डोटासरा ने स्पीकर के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। किसी विधायक ने इस टिप्पणी को रिकॉर्ड कर स्पीकर तक पहुंचा दिया। इस घटना से नाराज स्पीकर ने आधे घंटे बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू की, लेकिन गतिरोध समाप्त किए बिना ही आगे की कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया। इस फैसले से निलंबित कांग्रेस विधायकों की बहाली अटक गई। जानिए- कहां से शुरू हुआ था विवाद
विधानसभा में 21 फरवरी को प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस ने वैल में आकर हंगामा किया था। अविनाश गहलोत ने सवाल के जवाब में कहा था कि 2023-24 में आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजना का नाम रखा था। मंत्री की इस टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने वैल में आकर हंगामा किया था। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा था कि दादी सम्मानित शब्द है। पटेल बोल रहे थे इसी दौरान हंगामा बढ़ गया था। कांग्रेस विधायक स्पीकर की टेबल तक पहुंचने लगे थे। इसी दौरान स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया था। इस मुद्दे पर बने गतिरोध के कारण सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित हुई थी। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस विधायकों के सस्पेंड का प्रस्ताव रखा था।स्पीकर वासुदेव देवनानी ने गोविंद सिंह डोटासरा, उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गैसावत, हाकम अली खान और संजय कुमार को बजट सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया था। कहां पर उलझी थी बात?
टिप्पणी के बाद हुए हंगामे में डोटासरा और छह कांग्रेस विधायक विधानसभा स्पीकर के सामने टेबल तक पहुंच गए थे। हाथों से आक्रामक इशारे कर रहे थे। वासुदेव देवनानी ने इसे स्पीकर का अपमान और सदन के अनुशासन भंग करने से जोड़कर गलत बताया। निलंबन का आधार भी यही था। स्पीकर चाहते थे कि पहले गोविंद सिंह डोटासरा माफी मांगे। उसके बाद आगे की बात हो। उधर कांग्रेस पहले मंत्री से माफी मंगवाने की बात कर रही थी। इसी पर गतिरोध बना हुआ था।

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