विप्र फाउंडेशन ने UGC नियमों को बताया सामान्य वर्ग विरोधी:समाज को एकजुट होकर विकास की ओर बढ़ने का दिया संदेश

डूंगरपुर के धंबोला में विप्र फाउंडेशन का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में ब्राह्मण समाज को एकजुट होकर विकास की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें सामान्य वर्ग विरोधी बताया गया। सम्मेलन में विप्र फाउंडेशन के प्रदेश महामंत्री नरेंद्र पालीवाल, प्रदेश सचिव अनुराग पाठक, प्रदेश सहसचिव हंसमुख पंड्या, प्रदेश संगठन मंत्री विनोद जोशी, प्रदेश संयुक्त सचिव रूपशंकर त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष ललित उपाध्याय और जिला महामंत्री प्रशांत चोबीसा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कीर्ति आचार्य और युवा अध्यक्ष मुकेश जोशी भी उपस्थित थे। सामाजिक समरसता का दिया जा रहा संदेश
मुख्य अतिथि नरेंद्र पालीवाल ने शिक्षा, सेवा, संस्कार और समाजोत्थान के क्षेत्र में फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन शिक्षा प्रोत्साहन, प्रतिभा सम्मान, आपदा सेवा और संगठन विस्तार जैसे कार्यों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दे रहा है। ‘यूजीसी के नए नियम स्वतंत्रता के मूल भाव के प्रतिकूल’
सम्मेलन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई यूजीसी से संबंधित नई व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान यूजीसी नियम शिक्षा की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता के मूल भाव के प्रतिकूल हैं। उन्होंने इन नियमों को शिक्षकों, शोधार्थियों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के भविष्य के लिए घातक बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया। ‘शिक्षा किसी एक वर्ग की बपौती नहीं’
नरेंद्र पालीवाल ने जोर देकर कहा कि शिक्षा किसी एक वर्ग की बपौती नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना व्यापक संवाद के लागू किए गए नियम लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। पालीवाल ने विप्र समाज से संगठित होकर शिक्षा और समाज हित में सशक्त भूमिका निभाने का आह्वान किया। ‘समय की है मांग, एकजुट हो समाज’
जिलाध्यक्ष ललित उपाध्याय ने कहा कि विप्र समाज सदैव ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्र चेतना का पथ प्रदर्शक रहा है। समय की मांग है कि समाज जनहित के मुद्दों पर सजग रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाए। विशिष्ट अतिथि प्रदेश सचिव अनुराग पाठक, प्रदेश सह सचिव हंसमुख पण्ड्या, प्रदेश संगठन मंत्री विनोद जोशी, प्रदेश संयुक्त सचिव रूपशंकर त्रिवेदी एवं जिला महामंत्री प्रशांत चौबीसा बीसा ने संगठन की एकजुटता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। महिलाओं की भूमिका पर डाला प्रकाश
अति विशिष्ट अतिथि डॉ. कीर्ति आचार्य, महिला चौरासी अध्यक्ष प्रीति पण्ड्या ने समाज में महिलाओं की भूमिका और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। धम्बोला गांव के वरिष्ठ नागरिक गजानन त्रिवेदी, रमणलाल पण्ड्या, लालशंकर भट्ट की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन के दौरान शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार बालक-बालिकाओं को मंच से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समाज के सैकड़ों लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन महेन्द्र पण्ड्या एवं प्रशांत चौबीसा ने किया। आभार दिनेश चंद्र पण्ड्या ने व्यक्त किया। एनआरआई अनिल पंड्या, प्रकाश पंड्या, हीरालाल गामोठ, अनिल पंड्या, भारतेंद्र पंड्या, हेमेंद्र चौबीसा, गुणवंत पंड्या, कन्हैयालाल पंड्या, भूपेंद्र भट्ट, बसंत पंड्या, मुकुंद भट्ट, जयेश पंड्या, अशोक उपाध्याय, ब्रजमोहन पंड्या, प्रदीप पंड्या, अश्विन पंड्या, अरुण पंड्या, कमलाशंकर भट्ट, किशोर पंड्या, दिनेश पंड्या, रामशंकर पंड्या, भरत त्रिवेदी, आशीष त्रिवेदी, मधुसूदन पंड्या, वासुदेव पंड्या, अशोक त्रिवेदी, नंदकिशोर भट्ट मौजूद रहे।

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