सभी सरकारी विभाग प्रदेश में जनहित से जुड़े कार्यों की तीन साल की अग्रिम योजना तैयार करेंगे। योजनाओं पर काम की रफ्तार और विकास गति को बढ़ाने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था लागू की है। मंगलवार को मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय सभागार में राज्य की प्रमुख योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों से अगले तीन साल की कार्ययोजना मांगी। मुख्य सचिव ने कहा कि आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को विभागों में सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए। साथ ही ई-ऑफिस को संचालनालय से लेकर जिला स्तर तक पूरी क्षमता से लागू हो। इसके लिए सभी विभागों के स्थापना प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके यहां के सभी अधिकारी और कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर ऑनबोर्ड हों। मुख्य सचिव ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के एसएनए-स्पर्श प्रणाली में ऑनबोर्डिंग और भुगतान की स्थिति, पूंजीगत व्यय, निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति और बजट राशि के खर्च में तेजी लाने पर जोर दिया। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जनता के हितों का ध्यान रखना ही शासन का मुख्य उद्देश्य
शासन का मुख्य उद्देश्य जनता के हितों को केंद्र में रखते हुए सतत और प्रभावी काम करना है। प्रत्येक विभाग द्वारा अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना बनाने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही योजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा।
– विकासशील, मुख्य सचिव मुख्य सचिव के निर्देश
तीन वर्ष की विभागीय कार्ययोजना अनिवार्य {एसएनए-स्पर्श प्रणाली में 100% ऑनबोर्डिंग {ई-ऑफिस का संचालनालय से लेकर जिला स्तर तक विस्तार {सभी विभाग में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली {ई-एचआरएमएस पोर्टल पर सभी अधिकारी-कर्मचारी ऑनबोर्ड हों।


