रांची विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर रूरल डेवलपमेंट कोर्स को बंद करने के निर्णय पर छात्रों और शिक्षकों के तीखे विरोध के बाद विवि प्रशासन को यू-टर्न लेना पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले हुए धरना, घेराव और नारेबाजी के बाद वीसी प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि कोर्स बंद नहीं होगा, पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। वे गुरुवार को मोरहाबादी कैंपस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी में एक कार्यक्रम शामिल होने आए थे, जहां छात्रों-शिक्षकों ने घेराव किया। धरना पर बैठे फैकल्टी और छात्रों को समझाते हुए सीवीएस डायरेक्टर डॉ. मुकुंद मेहता और डिप्टी डायरेक्टर डॉ. स्मृति सिंह ने कहा कि आरडी को बंद करने के संबंध में बैठक में लिए गए निर्णय का अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, इसलिए विरोध अनुचित है। आरडी कोर्स की समस्याओं के समाधान के लिए एक कमेटी गठित करने की घोषणा की। यह कमेटी प्लेसमेंट, नामांकन, फिल्ड वर्क आदि पर काम करेगी व छात्र हितों के अनुरूप सुधारों का रोडमैप तैयार करेगी।
अबुआ अधिकार मंच का कड़ा विरोध अबुआ अधिकार मंच ने रूरल डेवलपमेंट कोर्स बंद करने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कोऑर्डिनेटर और छात्र मामलों के प्रतिनिधि अभिषेक शुक्ला ने कहा कि छात्र-छात्राओं की संख्या कम होने के आधार पर किसी महत्वपूर्ण कोर्स को बंद करना छात्र हितों के खिलाफ है। सत्रों में देरी, परीक्षा-परिणाम में विलंब और नामांकन प्रक्रिया में खामी छात्रों को अन्य विश्वविद्यालयों की ओर धकेल रही है। नेताजी और आरयू वीसी का घेराव कोर्स की बेहतरी के लिए अब तक हुई चार मीटिंग कुलपति ने कहा कि रूरल डेवलपमेंट कोर्स को बेहतर बनाने के लिए वे अभी तक चार बार बैठक कर चुके हैं। इसके जवाब में फैकल्टी ने कहा कि चार बैठकों का नतीजा सबके सामने है, कोर्स को ही बंद करने का निर्णय ले लिया गया। विरोध-प्रदर्शन में आरडी के फैकल्टी डॉ. अटल पांडेय सहित अन्य शिक्षक भी शामिल थे। आरयू : प्लेसमेंट, फिल्ड वर्क व समस्याओं के समाधान के लिए बनेगी कमेटी


