अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा (जिला सभा, नागौर) ने भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगें और तर्क: महासभा के जिला अध्यक्ष हनुमानराम जांगिड़ (जारोड़ा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में जांगिड़ समाज के साथ-साथ स्वर्णकार, लुहार, पांचाल, कुमावत, ठठेरा और मूर्तिकार जैसी कई शिल्पजीवी जातियां भगवान विश्वकर्मा को अपना आराध्य मानती हैं। वर्तमान में इस दिन केवल ‘ऐच्छिक अवकाश’ (Optional Holiday) का प्रावधान है, जिसे समाज ‘सार्वजनिक अवकाश’ में बदलने की मांग कर रहा है। समाज में आक्रोश: ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि समाज लंबे समय से यह मांग कर रहा है और पूर्व में कई बार आश्वासन भी मिले हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि अन्य आराध्य देवों की जयंतियों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित हैं, ऐसे में विश्वकर्मा जयंती पर उपेक्षा के कारण समाज में रोष व्याप्त है। ज्ञापन के दौरान उपस्थिति: इस अवसर पर जांगिड़ समाज के विभिन्न पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार उनकी इस जायज मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और ‘माघ शुक्ल त्रयोदशी’ को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर समाज की लंबित मांग पूरी करेगी।


