रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध मारवाड़ी वीमेंस कॉलेज के समीप स्थित वीसी निवास की मरम्मत और फर्नीचर क्रय पर बिना टेंडर के ही 48 लाख रुपए खर्च कर दिए गए हैं। वीसी आवास पर राशि ऐसे समय में खर्च की गई, जब निवर्तमान प्रभारी वीसी प्रो. दिनेश कुमार सिंह को राजभवन से केवल रूटीन कार्य करने की अनुमति थी। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिन पहले प्रो. दिनेश कुमार ने रविवार को कुलपति आवास में पूजा कर प्रवेश किया और गुरुवार सुबह सात बजे आवास खाली कर दिया। इन चार दिनों के भीतर, उन्होंने नियमों को ताक पर रखते हुए 48 लाख रुपए का भारी-भरकम खर्च कर डाला। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब राजभवन ने उन्हें सिर्फ रोजमर्रा के कामकाज देखने की इजाजत दी थी, तो इतनी बड़ी राशि से आवास की मरम्मत और फर्नीचर की खरीद कैसे की गई? क्या यह पद का घोर दुरुपयोग नहीं है? विभिन्न छात्र संगठनों ने कहा है कि यह मामला संस्थागत भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। अधिकारियों की भूमिका पर सवाल इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय के अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। कक्या उन्होंने वीसी आवास के मरम्मत व फर्नीचर पर खर्च से संबंधित फाइलों पर नियम-संगत टिप्पणियां लिखीं? वीसी के नियम विरुद्ध आदेश को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा पहल की गई थी?


