भास्कर न्यूज | जांजगीर राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 मार्च से 5 मार्च तक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से शिक्षकों ने भाग लिया और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के नए तरीकों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में सक्ती के झालरौंदा के शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम में आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश मुख्य मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। जबकि डॉ. महबूब आलम ने समन्वयक की भूमिका निभाई। राज्य कार्यालय के प्रतिनिधि राजकुमार चाफेकर सर उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में सक्ती जिले से शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय झालरौंदा के शिक्षक महेन्द्र कुमार चन्द्रा और शासकीय प्राथमिक शाला झालरौंदा की शिक्षिका चंचला चन्द्रा ने प्रशिक्षण में भाग लिया। शिक्षक महेन्द्र कुमार चन्द्रा ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इसमें छोटे से बड़े स्तर तक की शैक्षणिक जानकारियां बहुत ही रोचक और सरल ढंग से दी गईं। प्रयोगों और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से अध्यापन कराने से विद्यार्थियों की विषयों में रुचि बढ़ेगी और उनकी वैज्ञानिक सोच को मजबूती मिलेगी। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। शिक्षकों को यह सिखाया गया कि वे सभी विषयों के अध्यापन को दैनिक जीवन से जोड़कर कराएं, जिससे विद्यार्थियों में विषयों के प्रति रुचि उत्पन्न हो और वे जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझ सकें। इसके अलावा, छात्रों को “क्या, क्यों और कैसे” जैसे प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करने की रणनीतियां भी साझा की गईं।


