छात्रों का आरोप है कि इस मामले में विवि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। बार-बार गुहार लगाने पर भी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। अधिकारियों से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। हमारा समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। हमने एक अच्छे करियर की उम्मीद में इन कोर्सों में दाखिला लिया था। बीएड के छात्रों ने रांची विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल दूसरे वर्ष की परीक्षा आयोजित करने की मांग की है। वे चाहते हैं कि विवि प्रशासन जल्द से जल्द परीक्षा का कार्यक्रम जारी करे और समयबद्ध तरीके से परिणाम भी घोषित करे। साथ ही, उन्होंने अन्य वोकेशनल कोर्सों के छात्रों के सत्र को भी नियमित करने की मांग की है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। वोकेशनल कोर्स, जैसे बीएड और नर्सिंग, सीधे तौर पर रोजगार से जुड़े हैं। समय पर डिग्री न मिलने से छात्र शिक्षक भर्ती या नर्सिंग स्टाफ की भर्ती जैसी महत्वपूर्ण नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पाते। प्रभावित छात्रों ने बताया कि कई शिक्षक भर्ती परीक्षाएं साल में एक या दो बार ही होती हैं। अगर विश्वविद्यालय सत्र लेट कर देता है, तो वे उन अवसरों को खो देते हैं। छात्रों का कहना है कि यह केवल पढ़ाई का नुकसान नहीं, बल्कि उनके भविष्य का सवाल है। बताते चलें कि रांची यूनिव ्सिटी के अंतर्गत 29 बीएड कॉलेज है। इन कॉलेजों में तीन हजार बीएड के स्टूडेंट्स सेशन लेट से चिंतित है। इसी प्रकार ढ़ाई दर्जन नर्सिंग कॉलेजों के छात्र सेशन विलंबित होने से निराश हैं।


