भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में अवैध शराब तस्करी का एक और मामला सामने आया है। आबकारी व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दीगर राज्य मध्यप्रदेश की अंग्रेजी शराब तस्करी के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि इस पूरे मामले में अब तक शराब के मुख्य सप्लायर का खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जिस ट्रक में एमपी की शराब भरकर दंतेवाड़ा लाई गई थी, वह ट्रक रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर शराब उतारते हुए पहुंची। बताया जा रहा है कि ट्रक एमपी से पूरी तरह शराब लोड कर निकली थी, लेकिन दंतेवाड़ा पहुंचने तक उसमें सिर्फ करीब 250 पेटी शराब ही बची थी। शेष शराब कोचियों के यहां पहले ही सप्लाई कर दी गई थी। आबकारी विभाग के मुताबिक ट्रक में ढाई सौ पेटी शराब पाई गई, लेकिन एमपी से इतनी ही मात्रा में शराब लाना संदेह के घेरे में है। ट्रक चालक घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश जारी है। इस कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग ने ट्रक को पकड़ा था, जबकि पुलिस ने एक पिकअप और एक इको वाहन को जब्त किया था। पुलिस द्वारा कुल 45 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। मामले में फरार तीन आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। चौथी बार पकड़ा गया गणेश मंडल : इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दंतेवाड़ा में अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा गणेश मंडल एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। यह चौथी बार है, जब गणेश मंडल को अवैध शराब तस्करी के मामले में पकड़ा गया है। इससे पहले भी वह एमपी और ओडिशा से शराब सप्लाई के मामलों में जेल जा चुका है। इतना ही नहीं, वह मछली व्यवसाय की आड़ में अवैध सागौन चिरान की सप्लाई में भी पकड़ा जा चुका है। बावजूद इसके, हर बार कुछ महीनों में जेल से बाहर निकलकर फिर सक्रिय हो जाना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
मास्टर माइंड की गिरफ्तारी जल्द: एएसपी आर के बर्मन ने कहा शराब मंगवाने वाले मास्टर माइंड की भी जल्द गिरफ्तारी होगी, पुलिस विवेचना कर रही है। 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, इसमें शामिल बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा बायपास से बालूद जाने वाले मार्ग पर पिकअप और इको वाहन में भारी मात्रा में दीगर राज्य की शराब लाई जा रही है। कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन पुलिस को देखते ही चालक अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। तलाशी में 45 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 03 फरवरी को तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना पर गणेश मंडल, कृष्णा प्रसाद साव और गुड्डी अतरा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब जब्त वाहनों को राजसात करने की तैयारी में है, वहीं शराब के बड़े सप्लायर तक पहुंचना अब भी चुनौती बनी हुई है।


