पिछले कार्यकाल के 7 निर्दलीय भाजपा-कांग्रेस में गए, अब बागी हुए, इसमें छह प्रत्याशियों के कारण त्रिकोणीय मुकाबला टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले पार्षद नगर निगम में अक्सर गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। पिछले कार्यकाल में सात निर्दलीय जीते थे। इन्हीं के समर्थन से रायपुर नगर निगम में कांग्रेस अपना महापौर बना पाई थी। बाद में एक भाजपा और छह निर्दलीय कांग्रेस में शामिल हो गए। इस बार भी चुनाव में छह निर्दलीय पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। जो पहले भी पार्षद रह चुके हैं। इस वजह से इन वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ रहे तीन प्रत्याशी नगर निगम में महत्वपूर्ण पद पर थे। दो एमआईसी सदस्य और एक जोन अध्यक्ष थे। इसके बावजूद तीनों को पार्टी ने टिकट नहीं दी। इसलिए वे पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। चूंकि वे बड़े पद पर थे और पांच साल वार्ड में सक्रिय रहे। इसलिए उनकी मौजूदगी ने ही वार्ड में चुनावी दंगल को त्रिकोणीय बना दिया है। वार्ड के लोगों का कहना है कि पार्टी का सिंबॉल महत्वपूर्ण है। सभी वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के फिक्स वोटर्स हैं। लेकिन पिछले पांच साल के काम बागियों के लिए समर्थन जुटाने में मददगार साबित हो सकते हैं। यही वजह है कि वे पूरे जोर-शोर से बाकी प्रत्याशियों के साथ प्रचार कर रहे हैं। शहीद हेमू कालाणी वार्ड
इस वार्ड में मुकाबला चतुष्कोणीय हो गया है। यहां कांग्रेस के दो नेता बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले कार्यकाल में जोन-2 के अध्यक्ष रहे हरदीप सिंह होरा और इससे पूर्व के कार्यकाल में कांग्रेस से ही एमआईसी सदस्य रहे जसबीर सिंह ढिल्लन मैदान में हैं। कांग्रेस ने यहां से आंध्रा समाज के प्रमुख जी स्वामी के बेटे जी श्रीनिवास को टिकट दिया है। भाजपा ने सामान्य सीट से महिला को उतारते हुए कृतिका जैन को प्रत्याशी बनाया है। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रहती है। पिछले चुनाव में होरा ने भाजपा के रुस्तम भाटी को 1742 के मुकाबले 1921 वोटों से हराया था। जीत-हार में महज 179 वोटों का अंतर था। पुराने पार्षदों की वजह से चुनाव रोचक हो गया है। पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड
इस वार्ड से कांग्रेस ने पूर्व एमआईसी सदस्य आकाश तिवारी का टिकट काटकर लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के पार्षद कामरान अंसारी को प्रत्याशी बनाया है। यह इलाका मुस्लिम बहुल है। इसलिए कामरान को मुस्लिम और कांग्रेस के परंपरागत वोट मिलेंगे। लेकिन आकाश इसी वार्ड से पार्षद रहे हैं। इसलिए अपने पांच साल के काम को आधार बनाते हुए वे लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। इससे बड़ा नुकसान कांग्रेस को ही होगा। दूसरी तरफ आप ने भी यहां मुस्लिम आबादी को देखते हुए इमरान खान को टिकट दिया है। यहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 5400 है। भाजपा ने यहां से करीब 1500 धोबी समाज के वोटर्स को साधने के लिए ज्ञानचंद चौधरी को टिकट दिया है। इंदिरा गांधी वार्ड
इस वार्ड से पूर्व में कांग्रेस से पार्षद रहे विमल गुप्ता इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें पूर्व विधायक विकास उपाध्याय का बेहद करीबी माना जाता था। फिर भी टिकट नहीं मिला। इससे नाराज होकर वे निर्दलीय मैदान में उतर आए। कांग्रेस ने पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा के करीबी दलजीत सिंह चावला को टिकट दिया है। वे पहली बार यहां से लड़ रहे हैं। पिछली बार कांग्रेस के सुरेश चन्नावार यहां से जीते थे। भाजपा ने इस वार्ड से पूर्व पार्षद अवतार सिंह बागल को टिकट दिया है। उनकी पत्नी भारती बागल भी इस वार्ड से जीत चुकी हैं। उन्हें पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी का खास माना जाता है। विमल की वजह से इस वार्ड में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। महंत लक्ष्मीनारायण वार्ड
इस वार्ड में भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। पिछले चुनाव में यहां निर्दलीय प्रत्याशी जितेंद्र अग्रवाल जीते थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। इस बार उन्हें कांग्रेस से टिकट नहीं दिया गया या फिर उन्होंने खुद ही पार्टी से टिकट नहीं मांगा, यह सस्पेंस है। जितेंद्र फिर से निर्दलीय मैदान पर हैं। कांग्रेस ने पार्टी के जिला प्रवक्ता बंशी कन्नौजे को टिकट दिया है। वे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने अंबर अग्रवाल को टिकट दिया है। इन तीन प्रत्याशियों को मिलाकर यहां से सात प्रत्याशी हैं। इसलिए कौन-किसका वोट काटेगा यह बता पाना अभी मुश्किल है। पिछले चुनाव में कांग्रेस-भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला था। शहीद राजीव पांडे वार्ड
इस वार्ड से लगातार तीन बार के पार्षद समीर अख्तर का टिकट कांग्रेस ने काट दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली। अब इसी पार्टी से चुनाव भी लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने उनकी जगह देवेंद्र यादव को टिकट दिया है। देवेंद्र और उनकी पत्नी निशा एक-एक पार्षद रह चुके हैं। परिसीमन के कारण इस वार्ड का बड़ा मुस्लिम बहुल इलाका कट गया है। इस वजह से इस वार्ड में मुस्लिम आबादी 15 से 20 प्रतिशत ही रह गई है। इसी वजह से समीर की टिकट कट गई। उन्होंने पिछले चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को लगभग दोगुने वोट से हराया था। यहां जोगी कांग्रेस दूसरे और भाजपा तीसरे स्थान पर रही थी। इस बार भाजपा ने बद्रीप्रसाद गुप्ता को टिकट दिया है। सामान्य वोटर्स की संख्या बढ़ने के कारण चुनावी समीकरण ही बदल गया है। सदर बाजार वार्ड
इस वार्ड से कांग्रेस के पूर्व पार्षद सतीश जैन इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने मुरली शर्मा और कांग्रेस ने राहुल तिवारी को टिकट दिया है। तीनों ही प्रत्याशी इस चुनाव के लिए फ्रेश हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों ने पिछले चुनाव के प्रत्याशियों को रिपीट नहीं किया है और सतीश जैन भी पिछले कार्यकाल में निगम की राजनीति से दूर थे। इसके बावजूद तीनों अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा की डा. सीमा कंदोई ने 2019 में कांग्रेस की दीपा नवीन चंद्राकर को हराया था। चुनाव में इस बार भाजपा-कांग्रेस के अलावा आप और दो निर्दलीय मिलाकर पांच प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इनमें एक महिला प्रत्याशी होने के कारण मुकाबला रोचक हो गया है। निगम में भाजपा आई तो बहेगी विकास की त्रिवेणी : मीनल
केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। नगर निगम में जीत हासिल कर हम विकास की त्रिवेणी बहाएंगे। रायपुर मेयर की भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे ने गुरुवार को अपने जनसंपर्क के दौरान शहरवासियों को इसका आश्वासन दिलाया। उन्होंने कालीमाता वार्ड के शक्तिनगर से जनसंपर्क शुरू किया। विधायक पुरंदर मिश्रा और पार्षदों के साथ वार्डों का दौरा किया। वे शंकर नगर, पं. रविशंकर शुक्ल, गुरु गोविंद सिंह वार्ड, मौदहापारा, इंदिरा गांधी वार्ड पहुंचकर लोगों से वोट मांगा। इस दौरान जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस ने ही निगम को संवारा, आगे भी हम करेंगे : दीप्ति
रायपुर नगर निगम को कांग्रेस की परिषद ने ही सजाया, संवारा और व्यवस्थित किया है। आगे भी हम ही करेंगे। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी दीप्ति प्रमोद दुबे ने यह विश्वास बनाए रखने शहरवासियों का आभार जताया। गुरुवार को दीप्ति ने रोड शो किया। सुबह सदरबाजार, ब्राह्मणपारा, आजाद चौक, लाखे नगर, महामाया मंदिर, बूढ़ातालाब, कैलाशपुरी चौक, मठपारा, टिकरापारा, छत्तीसगढ़ नगर और शाम को संतोषी नगर, पचपेढ़ीनाका, एमआर कालोनी, टैगोर नगर, शैलेंद्र नगर, सिविल लाइन, बूढ़ीमाता मंदिर, नेताजी होटल, पंजाबी कालोनी, पुलिस लाइन होते हुए महामाया मंदिर पहुंचीं। उनका कई जगह भव्य स्वागत हुआ।


