शाजापुर में रविवार दोपहर 2 बजे करीब गौ माता सम्मान यात्रा निकाली गई। इसमें सर्व समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा मां राजराजेश्वरी मंदिर से शुरू होकर ट्रैफिक पॉइंट, नई सड़क होते हुए आजाद चौक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार नाहिद अंजुम को ज्ञापन सौंपा गया। यात्रा के दौरान एक चार पहिया वाहन पर गाय के बछड़े को बैठाकर उसे लाल चुनरी ओढ़ाई गई थी। जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से बछड़े का स्वागत किया। यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में गौ संरक्षण से जुड़े बैनर-पोस्टर थे, जिन पर गौ तस्करी रोकने, गौवंश को बचाने और गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने जैसी मांगें लिखी थीं। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश में गौ तस्करी, बेसहारा गोवंश की समस्या और गौशालाओं की आर्थिक स्थिति गंभीर होती जा रही है। इन समस्याओं के समाधान के लिए 18 सूत्रीय मांग-पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रमुख मांगों में गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देना, गौहत्या पर कठोर दंड का प्रावधान, गौ तस्करी मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन, गौशालाओं के अनुदान में वृद्धि, पशु क्रूरता कानून में सख्ती, बेसहारा गोवंश के लिए टैगिंग अभियान, प्रत्येक तहसील में गौ एंबुलेंस की व्यवस्था और गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग शामिल है। आयोजकों का कहना है कि गौवंश संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। उनका मानना है कि यदि शासन ठोस नीतियां लागू करे तो सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश और बढ़ती तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।


