शिंकुला दर्रा और दीपकताल जा सकेंगे पर्यटक:लाहौल प्रशासन ने दी इजाजत, सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक ही यात्रा

लाहौल स्पीति का शिंकुला दर्रा पर्यटकों के लिए बहाल हो गया है। सीमा सड़क संगठन ने गुरुवार से शिंकुला दर्रा यातायात के लिए खोल दिया था। उसके बाद लाहौल प्रशासन ने इसे गुरुवार को पर्यटकों के लिए बहाल कर दिया । समुद्र तल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा बर्फ का समुद्र कहलाता है। अब पर्यटक यहां 4×4 वाहनों से या चेन लगे हुए 4×2 वालों से आवाजाही कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम बनाए हैं। दारचा से शिंकुला और जांस्कर घाटी के लिए वाहनों को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही जाने की अनुमति होगी। इस दौरान जांस्कर की तरफ से कोई वाहन दारचा की ओर नहीं आ सकेगा। जबकि अगले दिन जांस्कर से दारचा के लिए वाहनों की आवाजाही होगी लेकिन दारचा से शिंकुला और जांस्कर के लिए आवाजाही बंद रहेगी । जबकि दारचा से 15 किमी आगे सरचू की ओर दीपकताल तक पर्यटक हर दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक जा सकेंगे और फिर बर्फ में घूमने के बाद वापसी कर सकेंगे । उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि अभी बर्फ अधिक होने के कारण पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पाई है। साथ ही सड़क भी संकरी है, इसलिए वाहनों की आवाजाही के लिए समय निर्धारित किया गया है। कुंजम दर्रे भी जल्द बहाल किए जाएंगे
उपायुक्त ने कहा कि बारालाचा और कुंजम दर्रे भी जल्द बहाल किए जाएंगे। बीआरओ उनकी बहाली के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। दीपकताल झील भी पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। समुद्र तल से 12,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील दारचा से 15 किलोमीटर दूर है। गर्मियों में यहां खूबसूरत झील देखने को मिलती है। वर्तमान में यह पूरी तरह से बर्फ से ढकी हुई है। पर्यटक यहां सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक केवल 4×4 वाहनों में आवाजाही कर सकते हैं।

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