बालाघाट में शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा के प्रभारी प्रधानपाठक सूर्यकांत कालबेले को निलंबित कर दिया गया है। उन पर बच्चों को पत्तों में मध्यान्ह भोजन परोसने और शासकीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई तब हुई जब प्रशासन ने पहले इस खबर को गलत बताया था। कलेक्टर मृणाल मीणा ने किरनापुर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा के प्राथमिक शिक्षक (प्रभारी प्रधानपाठक) सूर्यकांत कालबेले को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शासकीय प्राथमिक शाला छतरपुर, विकासखंड बैहर निर्धारित किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में छात्रों को पत्तों में मध्यान्ह भोजन परोसे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) किरनापुर ने जांच की। जांच के दौरान शिक्षक कालबेले ने बच्चों को पत्तों में भोजन परोसने की बात स्वीकार की। इस संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि विद्यालय में थाली और अन्य बर्तनों की खरीद के लिए 3 हजार रुपये की राशि उपलब्ध थी, इसके बावजूद बर्तन नहीं खरीदे गए। साथ ही, बर्तनों की अनुपलब्धता के संबंध में किसी भी वरिष्ठ कार्यालय को पहले सूचना नहीं दी गई थी। इसे उनके पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर अनुशासनहीनता, उदासीनता और छात्र कल्याणकारी योजना के विपरीत आचरण माना गया। बीआरसी और बीईओ किरनापुर की जांच में यह भी पाया गया कि विद्यालय में भोजन वितरण के लिए थाली उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर विद्यार्थियों को केले के पत्तों में भोजन परोसा गया।


