शिक्षा विभाग की नीतियों से पदोन्नत लेक्चरर पदोन्नति छोड़ने को मजबूर

भास्कर न्यूज | लुधियाना लेक्चरर कैडर यूनियन पंजाब द्वारा अध्यापकों को डीबार करने के निर्देश पर रोष जाहिर किया। राज्य वित्त सचिव और जिला लुधियाना के प्रधान धर्मजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि जो लेक्चरर लंबे समय से मास्टर कैडर से लेक्चरर की पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे, उनकी पदोन्नति सूची जारी कर दी गई है। बाद में विभाग द्वारा स्टेशन चयन के समय स्कूल ऑफ एमिनेंस, अधिक संख्या वाले स्कूलों तथा 50% से कम स्टाफ वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी गई, जिसके कारण दूर स्टेशन मिलने के कारण कई अध्यापकों को अपनी प्रमोशन छोड़नी पड़ गई। अब विभाग ने डी-बार लिस्ट जारी कर दी है। धर्मजीत सिंह ढिल्लों ने कहा डीबार लैक्चरर नहीं शिक्षा विभाग हुआ है जिसकी नीतियों के कारण लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे लैक्चरर ने पदोन्नति छोड़ दी। यूनियन अध्यक्ष ढिल्लों ने कहा कि कॉमर्स के 45, हिंदी 32, अर्थशास्त्र 71, राजनीति विज्ञान 68, पंजाबी 97, अंग्रेजी 86, इतिहास 88, गणित 56, भौतिक विज्ञान 4, जीव विज्ञान के 14 को विभाग ने डीबार कर दिया है, जबकि कई स्कूलों में लेक्चरर के पद खाली हैं, 750 स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं। मार्च 2021 के बाद प्रिंसिपल की पदोन्नति नहीं, लेक्चरर की कमी के चलते स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो गई है। यूनियन प्रधान ढिल्लो ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से अपील करते हुए कहा कि विभाग जल्द ही मास्टर कैडर के लेक्चरर को पदोन्नत करे और सभी खाली स्टेशन दिखाए ताकि किसी भी लेक्चरॉर को पदोन्नति छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े। पदोन्नति एवं पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रखी जाए ताकि ग्रामीण स्कूलों में लैक्चरर की कमी दूर हो सके। विभाग को प्रमोशन की दूसरी सूची जारी करनी चाहिए ताकि स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित न हो। दविंदर सिंह गुरु ने फाइन आर्ट्स लेक्चरर की पदोन्नति लिस्ट जल्द जारी करने की मांग की। अलबेल ने शिक्षा मंत्री पंजाब से अपील की कि मास्टर कैडर से लेक्चररों की पदोन्नति तुरंत की जाए और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में प्रिंसिपलों व हाई में मुख्याध्यापक जल्द लगाए जाएं क्योंकि बिना पदोन्नति के बहुत से मास्टर व लेक्चरर रिटायर हो रहे हैं।

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