कोंडागांव| शिक्षा की ताकत से देश में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) द्वारा चलाए जा रहे कलम अभियान के तहत सीपीआई जिला परिषद ने जिला एवं सत्र न्यायालय के बार रूम में अधिवक्ताओं को कलम एवं जागरूकता पर्चे वितरित किए। इस अवसर पर सीपीआई के पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं से संवाद करते हुए देश में बढ़ती सांप्रदायिकता पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि हिंसा और नफरत का सबसे सशक्त जवाब शिक्षा और जागरूकता है। पार्टी ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे भी इस अभियान से जुड़कर समाज में शिक्षा का प्रकाश फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं। सीपीआई नेताओं ने अभियान का स्पष्ट संदेश दोहराया हिंसा का जवाब शिक्षा से दें, आइए कलम उठाएं और भारत को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि कलम केवल लिखने का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और सद्भाव का प्रतीक है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा अधिवक्ताओं को कलम (पेन) भेंट कर इस अभियान को आगे बढ़ाया गया। अधिवक्ताओं ने भी सीपीआई की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक एकता, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला सकारात्मक कदम बताया।


