लुधियाना |पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल ने चुनावी तैयारी तेज करते हुए ‘घर वापसी’ अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को शिअद सुप्रीमो सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने गांव लील जाकर नाराज चल रहे टकसाली परिवार के गुरदीप सिंह लील को मनाया और उन्हें पार्टी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए राजी किया। इसी मौके पर आम आदमी पार्टी छोड़कर भावदास राष्ट्रीय निदेशक नरेश धींगान ने समर्थकों समेत शिरोमणि अकाली दल में वापसी की। धींगान ने कहा कि शिअद ही एकमात्र पार्टी है जिसने वाल्मीकि समुदाय को सम्मान और पहचान दी, जबकि बाकी दलों ने उन्हें सिर्फ वोट बैंक समझा। गुरदीप सिंह लील के घर पहुंचकर सुखबीर बादल ने उनकी नाराजगी सुनी और सम्मान बनाए रखने का आश्वासन दिया। इस दौरान यूथ अकाली दल इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा, पूर्व विधायक एसआर कलेर, पूर्व चेयरमैन बाबा अजीत सिंह, शिरोमणि कमेटी सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल, रणजीत सिंह ढिल्लों, पूर्व मेयर हरचरण सिंह गोलबड़िया, जिला अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भिंदा, कमल चेतली, बचित्तर सिंह कोहाड़ समेत कई नेता मौजूद रहे। नरेश धींगान ने कहा कि उन्होंने अकाली दल में अपने जीवन के 25 वर्ष दिए हैं और दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने अमृतसर में पवित्र वाल्मीकि तीर्थ बनवाकर ऐतिहासिक काम किया। वहीं, सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली दल पंजाबियों की असली आवाज है, जबकि अन्य पार्टियां दिल्ली से चलती हैं और पंजाब को सिर्फ लूटती हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आप सरकार ने पंजाब को ठगा है, बाहरियों को नौकरियां और कुर्सियां दी गईं, जिससे पंजाब पिछड़ता जा रहा है।


