शिवपुरी में नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित सखी रसोई कैंटीन में तोड़-फोड़ और बिना किसी पूर्व सूचना के स्थान परिवर्तन का गंभीर मामला सामने आया है। श्री बांकडे बाबा स्व-सहायता समूह सखी रसोई की ओर से इस संबंध में सीएमओ को लिखित आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। स्व-सहायता समूह की सदस्य वर्षा शिवहरे ने बताया कि सखी रसोई का संचालन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की पहल पर शुरू किया गया था। यह रसोई बैंक ऋण लेकर प्रारंभ की गई थी और श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय मेडिकल कॉलेज, शिवपुरी के गेट क्रमांक-02 के समीप संचालित थी। वर्षा शिवहरे के अनुसार, 16 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे अज्ञात व्यक्तियों अथवा मेडिकल कॉलेज स्टाफ द्वारा सखी रसोई में तोड़-फोड़ की गई। इसके बाद बिना किसी मौखिक या लिखित सूचना के रसोई को उसके निर्धारित स्थान से हटाकर नगर पालिका परिसर में रखवा दिया गया। इस घटना में रसोई में रखे बर्तन, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। ₹150 रोज की अवैध वसूली की जाती थी
वर्षा शिवहरे ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के बाहर संचालित दुकानों द्वारा 150 रुपए प्रतिदिन की अवैध वसूली की जाती थी। इस संबंध में उन्होंने संबंधित लोगों तक अपनी बात भी पहुंचाई थी, लेकिन जब सखी रसोई की महिलाओं ने यह राशि देने से इनकार किया तो उनकी रसोई में तोड़-फोड़ की गई और जबरन हटवा दी गई। तोड़-फोड़ और स्थान परिवर्तन के कारण उन्हें करीब 35 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। स्व-सहायता समूह का यह भी आरोप है कि मेडिकल कॉलेज गेट क्रमांक-02 के सामने कई निजी दुकानें संचालित हैं, जहां नशे से संबंधित सामग्री तक बेची जाती है, लेकिन उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, आम नागरिकों को स्वच्छ, पौष्टिक और सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली सखी रसोई को हटाकर महिलाओं की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया गया है। समूह से जुड़ी महिलाओं ने मांग की कि मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए और सखी रसोई को मेडिकल कॉलेज परिसर में ही किसी स्थायी और सुरक्षित स्थान पर पुनः स्थापित कर शीघ्र संचालन शुरू कराया जाए। महिलाओं ने भविष्य में स्व-सहायता समूह को परेशान न किए जाने की भी मांग उठाई है।


