‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में कई जगह कार्रवाई की। एक मॉल में स्थित मैकडॉनल्ड रेस्टोरेंट में हानिकारक खाद्य तेल में फ्रेंच फ्राइज और अन्य खाद्य पदार्थ तले जा रहे थे, जबकि दूसरी ओर चौकड़ी तोपखाना क्षेत्र की मदीना डेयरी में तेल और मिल्क पाउडर से तैयार किया गया 650 किलो मिलावटी पनीर पकड़ा गया। दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और नमूने जांच के लिए भेजे गए। मैकडॉनल्ड: काला हो चुका था तेल सीएमएचओ जयपुर सेकंड के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने गौरव टावर स्थित मैकडॉनल्ड रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। यहां रिफाइंड पामोलीन तेल में फ्रेंच फ्राइज और अन्य खाद्य पदार्थ तले जा रहे थे। जांच में नॉनवेज फ्राइंग वाले तेल का टोटल पोलर कंपाउंड्स (टीपीसी) 28 और वेज वाले तेल का टीपीसी 31 पाया गया, जबकि अधिकतम सीमा 25 तय है। टीम ने पाया कि तेल अत्यधिक काला और अनुपयोगी हो चुका था, इसके बावजूद उसे करीब 150 डिग्री सेल्सियस पर गर्म कर इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर करीब 40 लीटर तेल और 100 किलो दूषित खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। सीएमएचओ जयपुर सेकंड डॉ. मनीष मित्तल के अनुसार, टीपीसी 25 से अधिक होने पर तेल विषाक्त हो जाता है। उसमें कैंसर कारक तत्व बनने लगते हैं और ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है, जो दिल की बीमारियों का बड़ा कारण है। मौके पर मौजूद मैनेजर संभव भारद्वाज को तुरंत प्रभाव से फ्रेश तेल उपयोग में लेने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया। कोल्ड रूम में रखे 40 किलो सड़े टमाटर भी नष्ट कराए गए। इसके अलावा पास के रेस्टोरेंट चाट का चस्का से 25 किलो दूषित सामग्री भी नष्ट करवाई गई। “निरीक्षण के दौरान खामियां मिली है। फर्म को नोटिस जारी किया जाएगा। एक्ट के तहत नमूना लेकर लैब में जांच के लिए भेजा है।”
-डॉ.रवि शेखावत, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मदीना डेयरी; 650 किलो मिलावटी पनीर पकड़ा भास्कर एक्सपर्ट-डॉ. सुधीर महर्षि, गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट, डॉ. पुनीत सक्सेना, फिजिशियन


