स्कूली विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विश्लेषण क्षमता को मजबूत कर उन्हें भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और एम्स ने संयुक्त रूप से ‘एनास्टोमोसिस’ नाम से शैक्षणिक कार्यक्रम की शुरुआत की है। प्रोग्राम के लिए कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी पात्र होंगे। प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होंगे। दूसरे चरण में ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता होगी। परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा। तीसरे चरण में चयनित विद्यार्थियों के लिए आईआईटी-दिल्ली और एम्स नई दिल्ली में एक्सपोजर विजिट और बूट कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की वास्तविक कार्यप्रणाली से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। अंतिम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार, मेंटरशिप और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। फायदा…विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा शिक्षाविद् देव शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा से जुड़ा है। इस पहल से विद्यार्थियों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। एनास्टोमोसिस से चयनित विद्यार्थियों को आईआईटी-दिल्ली और एम्स-नई दिल्ली में प्रत्यक्ष अनुभव, विशेषज्ञों से संवाद और बूट कैंप का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास और दृष्टिकोण दोनों व्यापक होंगे। वेबसाइट पर अधिसूचना के साथ एनास्टोमोसिस के सूचना ब्रोशर व विस्तृत समय सीमा उपलब्ध करा दी गई है।


