नगर के सतनाम भवन नया पारा में बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती इस वर्ष भी परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सतनामी समाज के साथ नगरवासियों के सहयोग से आयोजित इस आयोजन में पूरा नगर बाबा के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रताप मंडावी (उपाध्यक्ष, जिला पंचायत नारायणपुर), इंद्र कुमार बघेल (अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद नारायणपुर), वरिष्ठ समाजसेवी बृजमोहन देवांगन, लुपेंद्र महीनाग (जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस), यशपाल प्रेक्षा (उप संचालक पंचायत), डीएसपी अरविंद कुजूर एवं जिला सतनामी समाज के अध्यक्ष सनातन मेरसा उपस्थित रहे। स्वागत भाषण में सनातन मेरसा ने बाबा गुरु घासीदास जी की जीवनी और उनके सामाजिक संदेशों पर प्रकाश डाला। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बाबा के उपदेशों को आज के समाज के लिए प्रासंगिक बताया। “मानव-मानव एक समान” के संदेश को अपनाने की अपील की गई। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया और प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से अस्पृश्यता निवारण सद्भावना शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसे समाज ने सराहा। सुबह से ही सतनाम भवन में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सर्वप्रथम बाबा गुरु घासीदास जी के प्रतीक चिन्ह जैतखंभ एवं फोटोयुक्त सुसज्जित रथ को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। शोभायात्रा में ज्ञान गंगा सागर मुंगेली (चातरखार) पंथी पार्टी का विशेष सहयोग रहा। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर फूलों की बारिश की। पुलिस विभाग, जिला प्रशासन और नगरवासियों के सहयोग से यात्रा शांतिपूर्ण व अनुशासित रूप से संपन्न हुई। शोभायात्रा के दौरान “सतनाम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। सतनाम भवन नया पारा में जैतखंभ की विधिवत स्थापना पालो विनोद कुमार द्वारा सामाजिक सदस्यों और नगरवासियों की उपस्थिति में की गई। इसके बाद सामूहिक पूजा-अर्चना हुई। कार्यक्रम में मुंगेली के पंथी नृत्य दल ने बांधा समां मुंगेली से आई नृत्य टोली ने “तै सुमर ले हृदय में सतनाम जाए के बेरा काम आही जी” गीत पर मनमोहक पंथी नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक वेशभूषा, तालबद्ध कदम और भक्ति भाव से सजी प्रस्तुति पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।


