शाम 4 बजते ही राजधानी का अपर बाजार क्षेत्र शुक्रवार को श्याममय हो गया। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर से निकली शोभायात्रा में शामिल सैकड़ों भक्तों के साथ रास्ते में गुजरते लोग भी भगवान श्री श्याम की श्रद्धा और भक्ति में डूब गए। श्याम प्रभु के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मौका था श्री श्याम मंडल के 58वें वार्षिक महोत्सव का। यात्रा में रथ पर विराजमान श्री श्याम प्रभु पूरे नगर में भक्तों को आशीर्वाद देते चल रहे थे। भक्त हाथों में बैनर लिए जय श्री श्याम, खाटू वाले के जयकारे लगाते हुए आगे-आगे चल रहे थे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और बैंड-बाजे की धुन पर माहौल भक्तिमय था। मार्ग के दोनों ओर लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों से पुष्प वर्षा कर रथ का स्वागत किया। दिव्य रथ पर विराजे श्री श्याम प्रभु नगरवासियों को आशीर्वाद देते आगे बढ़ रहे थे। रथ को जरबेरा, गुलाब, ऑर्किड, सनफ्लावर, चाइना गोल्ड, हल्कोनिया, वैल्वेट जैसे ताजे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। साथ ही श्रीकृष्ण लीला पर आधारित सुंदर झांकियां मुख्य आकर्षण थीं। नगर की विभिन्न संस्थाओं ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया। लोगों ने रथ पर आरती की और पुष्प वर्षा कर प्रभु के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। मंडल के सदस्य पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करते नजर आए। आज के कार्यक्रम प्रभु की आकर्षक प्रतिमा महाआरती के साथ हुआ समापन : रात 8 बजे मंदिर पहुंच कर शोभायात्रा का समापन महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। भक्तों ने दीप जलाकर प्रभु को धन्यवाद अर्पित किया। इस आयोजन में सुनील मोदी, अनिल मोदी, प्रमोद बगड़िया, अशोक लाठ, पवन अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, राकेश मुरारका, अनिल ढांढनीयां, राकेश सारस्वत सहित मंडल के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। रथ पर विराजमान प्रभु श्याम के साथ भक्तगण। श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार… पर झूमे भक्त भजन गाते हुए रथ के आगे झूमते हुए चल रहे थे प्रभु श्री श्याम के भक्त। { रात 9 बजे मंडल के संरक्षक द्वारा गणेश पूजन व अष्ठ प्रहर की ज्योत प्रज्वलित होगी। { धनबाद से पधारे प्रसिद्ध भजन गायक कृष्णा अग्रवाल भजनों की अमृत वर्षा करेंगे। { 58वीं भजन पुस्तिका (प्रेम पुष्प) का विमोचन हाईकोर्ट की जज अनुभा रावत चौधरी करेंगी। शोभायात्रा के दौरान पूरे रास्ते भक्तगण इतनी कृपा सांवरे बनाए रखना, जन्म-जन्म का साथ है, श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार… जैसे भावपूर्ण भजनों पर झूमते और नाचते नजर आ रहे थे। भजनों की धुन और भक्तों की तालियों की गूंज से पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया।


