सिटी रिपोर्टर| रांची हरमू रोड स्थित श्री श्याम मंदिर में शनिवार को रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया गया। मंदिर में विराजमान खाटूनरेश सहित सभी देवी-देवताओं व गुरुजनों को नवीन पोशाक ‘बागा’ पहनाकर विशेष दिव्य श्रृंगार किया गया। पंचमेवा व विशेष प्रसाद भोग अर्पित किया गया। सेवा पुनीत अग्रवाल, रितु अग्रवाल, निकुंज अग्रवाल व परी अग्रवाल ने निवेदित की। यजमान परिवार ने प्राकृतिक पंखा डुलाकर बाबा श्याम से अरदास अर्जी लगाई। कोलकाता से मंगाए गए पीला गुलाब, तुलसीदल, रजनीगंधा, मुरुगन फूल, गेंदा, सूर्यमुखी व जिप्सी फूल की मालाओं से बाबा श्याम का अनुपम श्रृंगार किया गया। सुबह 9:30 बजे मंदिर में 40वां श्री सत्यनारायण कथा एवं श्री शालीग्राम पूजन मंदिर के आचार्य द्वारा संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान भक्तों ने खाटूनरेश से बहनों की खुशियां मांगी। बहनों के घर में सुख शांति बनी रहे, ऐसी कामना की। भक्तों ने बताया कि बाबा श्याम सभी के मुरादे पूरी करते हैं और बाबा इस रक्षाबंधन के त्योहार पर हमारी बहनों की खुशियां भी बनाए रखेंगे। इस अवसर पर मंदिर में भक्तों के बीच खासा उत्साह देखा गया। लोग एकदूसरे को रक्षाबंधन की बधाई देते देखे गए। भंडारे में खाटूनरेश, बजरंगबली, शिव परिवार, लड्डू गोपाल, शालिग्राम, गरुड़ व गुरुजनों को भोग लगाकर महाप्रसाद तैयार किया गया। प्रसाद में इडली, नारियल चटनी, उपमा, केसरिया जलेबी, टॉफी, खीर और चूरमा शामिल रहे। लगभग 2500 से अधिक भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। परंपरा के अनुसार भोग के बाद मंडल के सदस्य रांची गौशाला जाकर गोमाता को भोजन कराते हैं। भंडारा पूर्व अध्यक्ष सुरेश सरावगी की निगरानी में शुद्धता के साथ निर्मित हुआ। आयोजन में श्रवण ढानढनिया, कृष्णा सिन्हा, शालिनी स्वदेश, पवन केडिया, वेद भूषण जैन, राहुल अग्रवाल सहित 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया। इस दौरान लोग उत्साहित रहे। रांची|दक्षिण-पूर्व रेलवे के झेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्राचार कर दुर्गा पूजा और छठ महापर्व के अवसर पर हटिया से देश के विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का आग्रह किया। यह कहा कि त्योहारों के समय झारखंड, बिहार और ओडिशा से हजारों यात्री अपने गृह नगरों की यात्रा करते हैं तथा पुनः कार्यस्थलों पर लौटने के लिए लंबी दूरी की ट्रेन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। त्योहारों के समय भारी भीड़ के कारण टिकट उपलब्धता और यात्रा में कठिनाइयां बढ़ जाती हैं। उन्होंने सुलझाया कि सिकंदराबाद, बेंगलुरु, पूणे, सूरत व अहमदाबाद के साथ ही रांची से दिल्ली वाया लोहरदगा, टोरी, डाल्टनगंज, गढ़वा, दीनदयाल उपाध्याय जं., बनारस, अयोध्या धाम, लखनऊ होते हुए स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की पहल की जाए। उन्होंने कहा कि यदि दक्षिण-पूर्व रेलवे के पास रेक या मार्ग की सुविधा सीमित हो, तो अन्य संबद्ध रेलवे जोन जैसे दक्षिण-मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे एवं दक्षिण-पश्चिम रेलवे से समन्वय कर इन गंतव्यों के लिए ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह जनहित का विषय है। इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन होने से हजारों यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं समयबद्ध यात्रा का अवसर मिलेगा।


