न्यू किचलू नगर स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास विशाल कृष्ण ने भक्त प्रह्रलाद चरित्र, नरसिंह अवतार, वामन अवतार और अंत में श्री कृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन किया गया। कथा व्यास ने भक्त प्रह्रलाद के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान स्वयं कहते हैं कि मुझे कभी क्रोध नहीं आता, लेकिन जब कोई मेरे भक्त को सताता है तो मेरा क्रोध नरसिंह रूप धरकर प्रकट हो जाता है। इसके पश्चात उन्होंने वामन अवतार की कथा सुनाते हुए राजा बलि के त्याग को नमन किया। कथा के विश्राम से पूर्व जैसे ही श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग आया पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नंदोत्सव मनाया और माखन-मिश्री का भोग लगाया। श्री दुर्गा माता मंदिर बीआरएस नगर के ट्रस्टी मंडल ने विशेष रूप से उपस्थिति दर्ज करवाई। प्रधान सुनील शारदा, बरिंदर मुदिगल, नरूला जी, शमशेर सिंह, नीरज जैन, प्रह्रलाद और रुद्र दत्त शर्मा मौजूद रहे।


