स्वच्छ, सुंदर और विकसित कवर्धा के संकल्प के तहत तालाबों के संरक्षण और संवर्धन की मुहिम जारी है। इसी कड़ी में रविवार को दर्री तालाब में लगातार 9वें सप्ताह श्रमदान हुआ। यह इस अभियान का 13वां पड़ाव था। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और वार्डवासियों ने मिलकर तालाब की सफाई की। सुबह-सुबह ही बड़ी संख्या में लोग जुटे। झाड़ियां काटी गईं। प्लास्टिक और अन्य कचरा हटाया गया। जलकुंभी निकाली गई। तालाब को स्वच्छ बनाने का कार्य किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि सामूहिक श्रमदान से दर्री तालाब की तस्वीर बदलने लगी है। पानी अब साफ दिखने लगा है। जब तक तालाब पूरी तरह स्वच्छ नहीं हो जाता, तब तक हर रविवार श्रमदान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से न केवल सफाई हुई, बल्कि पानी की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। लगातार इस तरह के प्रयासों से शहर के पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी और जल स्रोतों को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।
जलस्रोतों को पुनर्जीवन कर रहे हैं शहरवासी तालाब संरक्षण और संवर्धन अभियान में जुटे हैं। यह पहल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में प्रेरणादायक बन रही है। मोहल्लेवासियों, युवाओं और समाजसेवियों ने मिलकर श्रमदान किया। इस अभियान का उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और हरित वातावरण देने में सहायक होगा। इन्होंने निभाई भागीदारी इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी के साथ उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, सभापति बिहारी राम धुर्वे, दुर्गेश अवस्थी, अजय ठाकुर, पार्षद सुरेंद्र पांडेय, पूर्व पार्षद सुरेंद्र गुप्ता, पार्षद प्रतिनिधि अनिल साहू, केशरी सोनी, सोनू उपाध्याय, सचिन अग्रवाल, अजय चौबे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। प्रकृति की रक्षा जिम्मेदारी सामूहिक श्रमदान से तालाबों की सफाई करने अभियान चलाया जा रहा है। नपाध्यक्ष चंद्रवंशी ने कहा कि प्रकृति की रक्षा सबकी जिम्मेदारी है। अगर हम जल स्रोतों को स्वच्छ रखें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।


