श्रम संहिता के विरोध में राजमिस्त्री मजदूरों का विरोध:कांकेर में रैली निकाली, PM-CM के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

केंद्र सरकार की श्रम संहिता के विरोध में देश के प्रमुख ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर कांकेर के राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन ने आज हड़ताल की। मजदूरों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शहर के न्यू कम्युनिटी हाल में आयोजित सभा में यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवचंद भास्कर और महासचिव ओम प्रकाश देवांगन ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की श्रम संहिता मजदूरों के हित में नहीं है। चार श्रम संहिताओं का निर्माण मजदूरों पर मालिक और ठेकेदारों के नियंत्रण को बढ़ाएगा। यूनियन के नेताओं ने कहा कि विकसित देशों में जहां 6 घंटे काम की बात हो रही है, वहीं भारत में श्रमिकों से 12 घंटे काम लेने का प्रावधान किया गया है। नई श्रम संहिता में मजदूरों के धरना-प्रदर्शन को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। सभा को जिला अध्यक्ष सागर साहू, संतोषी बड़िया, बीमा गोदारा, अर्जुन साहू और नजीब कुरैशी ने भी संबोधित किया। सभा के बाद मजदूरों का जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिलाधीश कार्यालय पहुंचा। वहां 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मजदूर यूनियन किया प्रमुख मांगें ज्ञापन में मुख्यरूप से श्रम संहिता वापस लेने, मजदूरों से प्रतिदिन 12 घंटे का कार्यदिवस खत्म करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने, समान काम के समान वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने, न्यूनतम वेतन का निर्धारण मालिकों के हवाले न करने, मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा बहाल करने, महंगाई पर रोक लगाने, किसानों के फसल का वाजिब दाम देने, किसानों के कर्ज माफ करना प्रमुख है। भ्रष्टाचार को रोकना मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्यरूप से निर्माण मजदूरों के कल्याणकारी योजनाओं में कटौती रोकने, निर्माण मजदूरों के पंजीयन में स्वघोषणा को समाप्त करने, श्रम विभागों में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने, श्रम विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकना मुख्य है। यह रहे उपस्थित आज के प्रदर्शन में मुख्य रूप से अजीत बघेल, नरेश साहू, पीलू राम, हेमंत प्रधान, रूप सिंह जैन, श्री नेताम, रामेश्वरी यादव, दिनेश मरकाम, गौतम निषाद, भारत यादव, दिलीप विश्वकर्मा, रमेश साहू, किरण निषाद, सहदेव नेताम सहित सैकड़ों लोगों ने हिस्सेदारी किया।

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