श्री गुजराती समाज इंदौर शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सफलता के 100 वर्ष पूर्ण कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। समाज द्वारा इसी उपलक्ष्य में गुजराती भाषी परिवारों के लिए वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दूसरे दिन शनिवार को अभय प्रशाल में नाटक का मंचन हुआ। प्रख्यात टीवी अभिनेत्री केतकी दवे, दिलीप दरबार, कल्याणी के मुख्य किरदार में थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अथिति जयश्री बेन संघवी और विशेष अतिथि रेखा बेन गांधी के साथ समाज अध्यक्ष प्रदीप कुमार शाह, उपाध्यक्ष गोविंद पटेल, मानद् महामंत्री पंकज संघवी, सांस्कृतिक समिति के कन्वीनर वीरेंद्र पटेल ने दीप प्रज्जवलन के साथ की। नाटक में दो किरदार हैं आनंद और शिखा, जो पिछले पंद्रह सालों से शादीशुदा हैं। शिखा अपनी औसत मध्यमवर्गीय ज़िंदगी से खुश है, लेकिन आनंद एक महत्वाकांक्षी इंसान है और वह जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है। इसके लिए वह एक छोटा रास्ता खोज रहा है। उसे वह छोटा रास्ता फैशन डिजाइनर मधुरिमा बैंकर में दिखता है, जो मिस्टर फैशन के नाम से अपनी खुद की कपड़ों की लाइन चलाती है और संयोग से वह आनंद की ओर आकर्षित हो जाती है। आनंद अपनी पत्नी को उसके लिए छोड़ देता है लेकिन उसकी पत्नी शिखा उसे जाने देने के लिए तैयार नहीं है। वह अपने पति को वापस लाने के लिए युद्ध की घोषणा करती है, लेकिन निश्चित रूप से, यह गौरैया और बाज के बीच का युद्ध है। इसी की तैयारी का नतीजा यह नाटक “पत्नी नचावे आने कौन बचावे” है। आसिफ पटेल और जितेंद्र जोशी नाटक के निर्माता है। इम्तियाज पटेल द्वारा लिखा और किरण शाह द्वारा दिग्दर्शित नाटक ने लोगों को 2 घंटे तक अपने संवाद और कलाकारों के अभिनय ने बांधे रखा। पत्नी कभी पीछे नहीं होती… जैसे सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण…। एक पत्नी अपने वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए क्या क्या करती है इसके भी उदहारण इस नाटक में देखने को मिले।


