भास्कर न्यूज | अमृतसर काले घनुपूर स्थित श्री राम बाला जी धाम मंदिर में श्री बाला जी के जन्मोत्सव पर श्री राम कथा का आयोजन हुआ। कथा वाचक पंडित गोल्डी शर्मा ने भक्तों को बताया कि जहां भी प्रभु राम की कथा होती है, वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में जरूर पहुंचते हैं। वे गुरु की आज्ञा मानकर सबसे पहले कथा स्थल पर आते हैं और सबसे अंत में जाते हैं। कथा से पहले मंदिर संचालक और श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी अशलीन जी महाराज ने ब्यास गद्दी पर विराजमान पंडित गोल्डी शर्मा को तिलक लगाया। इसके बाद महाराज समेत भक्तों ने श्री रामायण ग्रंथ की आरती उतारी। कथा में बताया कि भगवान की कृपा से महर्षि वाल्मीकि जी ने श्री राम के जीवन का संपूर्ण वृतांत पहले लिख दिया था। उन्होंने श्री रामायण ग्रंथ के माध्यम से प्रभु श्री राम की लीलाएं जन-जन तक पहुंचाईं। कथा में नारद मुनि के भ्रम का प्रसंग भी सुनाया गया। नारद को लगा था कि उन्होंने काम पर विजय पा ली है, भगवान विष्णु ने ऐसी माया रची कि भ्रम टूट गया। 12 अप्रैल को श्री बालाजी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर में 56 भोग के साथ 525 किलो बुंदी के लड्डू का भोग लगेगा। यह लड्डू बनाने का काम जारी है। 6 कारीगर रोज 8 घंटे मेहनत कर रहे हैं। लड्डू में 2 क्विंटल चीनी, 1 क्विंटल 40 किलो देसी घी, 3 किलो मगज, 300 ग्राम हरी इलायची, 1 क्विंटल 20 किलो बेसन और 4 क्विंटल पानी डाला जा रहा है। लड्डू बनने तक श्रीराम कथा का आयोजन होगा। 12 अप्रैल को सुबह से ही शहर की प्रसिद्ध भजन मंडलियां श्री बालाजी के भजन गाएंगी। यह कार्यक्रम देर रात तक चलेगा। मंदिर में पूरे दिन लंगर भी चलेगा। मंदिर संचालक अशलीन महाराज ने यह जानकारी दी। इस मौके काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे।


