भास्कर न्यूज | अंबिकापुर नए भवन में स्थापित होने के साथ ही यूनिवर्सिटी को यंग साइंस कांग्रेस का कार्यक्रम आयोजित करने की भी जिम्मेदारी मिली है। पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में इतना बड़ा दो दिवसीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में देशभर से 250 युवा वैज्ञानिक और 60 सीनियर वैज्ञानिक शामिल होंगे। यूनिवर्सिटी ने इसकी भी तैयारियां शुरू कर दी है। कार्यक्रम 2 और 3 अप्रैल को विश्वविद्यालय के नवीन परिसर भकुरा परसा में आयोजित होगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों को अनुसंधान गतिविधियों के लिए प्रेरणा देना है। इसमें 19 विषयों में शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। देश भर के विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों से युवाओं को इसके लिए आमंत्रित किया है। युवा वैज्ञानिक कांग्रेस में 32से 35 आयु समूह के पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के साथ ही साथ कम से कम दो वर्ष का शोध कार्य से संबंधित युवाओं को इससे आमंत्रित किया है। चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के स्नातक युवा भी शामिल हो सकेंगे। सम्मेलन में विश्वविद्यालय द्वारा देश के जाने-माने वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया है। इसी कार्यक्रम के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय के कुलसचिव की अध्यक्षता में पूर्व कार्यक्रम योजना बैठक का आयोजन विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग में किया गया। बैठक में सम्मेलन के समन्वयक हरि प्रसाद तुंडे और सभी विभागों के अध्यापक उपस्थित रहे। ^युवा वैज्ञानिक कांग्रेस की मेजबानी के लिए हम तैयारी कर रहे हैं। इसमें पूरे देश से युवा वैज्ञानिक शामिल होंगे। विषय एक्सपर्ट भी आएंगे। इस तरह के आयोजन से साइंस के क्षेत्र में बेहतर काम करने का अवसर युवाओं को मिलेगा। सरगुजा के साथ यूनिवर्सिटी को भी एक पहचान मिलेगी। -डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुलसचिव, एसजीजीयू, अंबिकापुर छत्तीसगढ़ विज्ञान व प्रौद्योगिकी परिषद हर साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक कांग्रेस का आयोजन करती है, जो 28 फरवरी 1928 को भारतीय भौतिक विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज के उपलक्ष्य में आयोजित की जाती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उभरते वैज्ञानिकों की पहचान करना और उन्हें शोध के लिए व्यापक प्रेरणा प्रदान करना है। शोध पत्रों के मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रत्येक विषय के कम से कम 3 विशेषज्ञों को बुलाया जाता है। युवा वैज्ञानिक पुरस्कार विजेताओं को प्रमाण-पत्र और 21,000 रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके अलावा पुरस्कार विजेताओं को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। एक माह पहले नए भवन में शिफ्ट हुई है यूनिवर्सिटी संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी अपने भकुरा स्थित भवन में एक माह पहले ही शिफ्ट हुई है। इस भवन के दो ब्लॉक ही बन पाए हैं। बाकी का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। कैंपस काफी बड़ा है। यूनिवर्सिटी की पहचान के लिए प्रबंधन ने युवा वैज्ञानिक कांग्रेस की मेजबानी के लिए उच्च प्रबंधन स्तर पर बातचीत कर प्रयास किया था। माना जा रहा है कि इस तरह के आयोजन से यूनिवर्सिटी को एक पहचान मिलेगी। यहां के युवाओं को भी विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नया सुनने और सीखने को मिलेगा।


