हाई कोर्ट ने कहा था- भ्रष्टाचार बढ़ा रहे हैं अस्थायी परमिट राजधानी समेत प्रदेशभर में यात्री बसों को अस्थायी परमिट जारी करने पर 1 जनवरी से रोक लगा दी गई है। ऐसे परमिट पर चल रहीं राजधानी की 50 से ज्यादा बसों सहित करीब 3000 यात्री बसों का संचालन प्रदेश में थम गया है। बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे बंद होने वाली बसों की संख्या बढ़ेगी। बताया गया है कि मप्र हाई कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि अस्थायी परमिट भ्रष्टाचार बढ़ा रहे हैं। इसके बाद परिवहन विभाग ने 1 जनवरी से यात्री बसों के अस्थायी परमिट जारी करना बंद कर दिया है। नई व्यवस्था में अब वास्तविक अस्थायी जरूरत होने पर ही बसों को अस्थायी परमिट जारी किए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि जो बसें लंबे समय से अस्थायी परमिट लेकर यात्री बसों के तौर पर चल रही थीं, उनका संचालन अब नहीं हो पाएगा। राजधानी की करीब 70 और बसें जल्द हो सकती हैं बंद अफसर नहीं, इसलिए अस्थायी परमिट : सूत्रों के अनुसार, स्थायी परमिट आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) जारी करते हैं। अस्थायी परमिट आरटीओ और डीटीओ द्वारा जारी किए जाते हैं। प्रदेश में 10 संभागों में 10 आरटीए होने चाहिए। इनमें से 7 पद विभागीय पदोन्नति से और 3 पद डेपुटेशन से भरे जाने चाहिए। लेकिन, वर्तमान में एक भी आरटीए नहीं है। पिछले साल एकमात्र आरटीए अरुण कुमार सिंह के रिटायरमेंट के बाद से स्थायी परमिट बंद हो गए हैं। भोपाल में आने वाले दिनों में बढ़ेगी परेशानी-भोपाल से इंदौर, बैतूल, रायसेन और विदिशा आदि शहरों के लिए हर रोज 600 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। इनमें से 15 से 20 प्रतिशत बसें अस्थायी परमिट नहीं बनने से खड़ी हो गई हैं। कुछ बसों के परमिट हाल के दिनों में बने हैं, वे दो से चार महीने तक चलेंगी। अभी तो बहुत ज्यादा परेशानी नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ेगी। निकाले गए रास्ते-वर्तमान में प्रदेश में स्थाई परमिट पांच साल के लिए और अस्थायी परमिट अधिकतम चार महीने के लिए जारी किए जाते हैं। अब यात्री बसों के अस्थायी परमिट पर रोक लग गई है, तो बारात और पिकनिक के नाम पर अस्थायी परमिट लेना शुरू कर दिया है। हालांकि, इस तरह से बसों का संचालन पूरी तरह से अवैध कहलाएगा। बात अपनी-अपनी अस्थायी परमिट पर रोक से स्कूल-कॉलेज की बसें भी बंद
अस्थायी परमिट पर रोक लगा दी गई है। बड़ी तादाद में यात्री बसों के साथ ही अस्थायी परमिट पर चलने वाली स्कूल और कॉलेज बसों का संचालन भी बंद हो गया है।- जयकुमार जैन, महामंत्री, मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन रूट पर चलने वाली बसों को अब अस्थायी परमिट नहीं देंगे
हाईकोर्ट और विभाग के आदेशों के मुताबिक अस्थायी परमिट अब उन्हीं बसों के जारी होंगे। जिनको वास्तव में अस्थायी जरूरत है। रूट पर चलने वाली यात्री बसों के अस्थायी परमिट नहीं दिए जाएंगे।-जितेंद्र शर्मा, आरटीओ, भोपाल


