सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर इलाज दिलाकर उनकी जान बचाने वाले मददगार नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Scheme) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिक को ₹25,000 की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा, पीएम राहत योजना के तहत घायल व्यक्ति को अस्पताल में ₹1.5 लाख तक के मुफ्त (कैशलेस) इलाज की सुविधा भी दी जाती है। ‘गोल्डन ऑवर’ में मदद करने वाले को 25 हजार रुपये का ईनाम जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त सागर सेतिया ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त ने बताया कि सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद का पहला 1 घंटा बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है यदि इस अवधि के भीतर कोई नागरिक तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को निकटतम अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार उसे प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति एक वर्ष में अधिकतम 5 बार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। मददगार की पहचान रहेगी गुप्त, पुलिस या अस्पताल नहीं करेंगे परेशान ॉउपायुक्त सागर सेतिया ने आम जनता का डर दूर करते हुए स्पष्ट किया कि दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले ‘राहवीर’ (गुड सेमारिटन) को पुलिस या अस्पताल प्रशासन द्वारा किसी भी तरह से प्रताड़ित या परेशान नहीं किया जाएगा। मददगार अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रख सकता है।उस पर अस्पताल के बिल/उपचार का खर्च उठाने या अदालत में गवाही देने का कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। पुरस्कार पाने की क्या है पूरी प्रक्रिया योजना की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो संबंधित अस्पताल का डॉक्टर इसकी सूचना पुलिस को देता है। इसके बाद पुलिस और अस्पताल की पुष्टि के आधार पर मददगार की भूमिका का सत्यापन किया जाता है। रिपोर्ट ओके होने के बाद ‘जिला सड़क सुरक्षा समिति’ द्वारा स्वीकृति देकर पुरस्कार राशि सीधे मददगार नागरिक के बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दी जाती है।


