अकलेरा के मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण कोर्ट ने सड़क दुर्घटना के पीड़ित पक्ष को 37 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। यह फैसला तब आया है जब टक्कर मारने वाले वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण बीमा कंपनी ने शुरू में भुगतान से इनकार कर दिया था। एडवोकेट राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि बीमा कंपनी ने वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होने का हवाला देते हुए क्षतिपूर्ति देने से मना कर दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया कि वाहन का फिटनेस नहीं होने पर भी बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति राशि के लिए उत्तरदायी है। यह सड़क दुर्घटना वर्ष 2019 में हुई थी, जिसमें मांगीलाल लोधा की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। मृतक के परिजनों ने अकलेरा के मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय में क्षतिपूर्ति वाद दायर किया था। न्यायालय ने पीड़ित पक्ष के हक में 37 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की है, जिसे बीमा कंपनी द्वारा अदा करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश कोर्ट दुर्घटना दावा अधिकरण, अपर जिला न्यायाधीश अकलेरा के पीठासीन अधिकारी आरजेएचएस मुकेश सोनी ने पारित किया। पीड़ित पक्ष ने न्याय मिलने पर न्यायालय का आभार व्यक्त किया।


