सतना में एसडीएम ने गुरुवार को खून की दलाली कर रहे लोगों को स्ट्रिंग किया और पुलिस की मदद से तीन दलालों को पकड़ा। दलाल 4500 रुपए में ब्लड अरेंज करवाने को राजी हुए थे। दैनिक भास्कर की टीम ने भी इसमें स्ट्रिंग में मदद की। पुलिस दलालों से यह पता कर रही है कि आखिर यह पूरा नेटवर्क ऑपरेट कैसे होता था। बता दें कि जिला अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित पांच बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाए जाने के गंभीर मामले की जांच केंद्र एवं राज्य की 2 टीमें कर रही हैं, ऐसे समय में इस खुलासे ने यहां के हालात को उजागर किया है। ऐसे हुए दलाल कैमरे में कैद… स्थान: जिला अस्पताल पुलिस चौकी समय : दोपहर 1 बजे। एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने खून की दलाली करने वालों को पकड़ने की बात कही। पुलिस और दैनिक भास्कर की मौजूदगी में प्लान तैयार हुआ। एसडीएम ने कैमरे के सामने कुछ नोट गिरे और उनके सीरियल नंबर कैद करवाए। नोटों के सीरियल नंबर भास्कर ने अपने कैमरे में कैद किया। इसके बाद ऑफिस के एक व्यक्ति को नोट दिए और अस्पताल के सामने मौजूद ढेले वालों के पास भेज दिया। कुछ समय बाद पुलिस ने एक व्यक्ति को दबोच लिया। एसडीएम मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते तीन दलाल चंगुल में फंस गए। पहले वाले की जेब चेक की तो वही रुपए निकले जो कैमरे में कैद हुए थे। एसडीएम ने बताया कैसे बनाया प्लान एसडीएम ने बताया कि कई दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से शिकायत मिल रही थी कि अस्पताल परिसर के आसपास कई लोग खून की दलाली कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए हमने औैर सिटी कोतवाली टीआई रावेंद्र द्विवेदी ने मिलकर फुल प्रूफ प्लान बनाया। हम लगातार ऐसे लोगों से संपर्क कर रहे थे। गुरुवार को एक दलाल हमारे प्लान में फंस गया। पड़ताल के दौरान यह बात निकलकर सामने आई थी कि कुछ पान ढेले और फलवाले ऐसे कम में लिप्त हैं। हमने एक व्यक्ति मरीज का परिजन बनाकर जिला अस्पताल के सामने चाय और पान वालों के पास भेजा। यहां पानवाले ने बताया कि सामने फल का जो ढेला है वहां चले जाओ, वह ब्लड उपलब्ध करवा देगा। फल वाले ने 4500 रुपए में ब्लड उपलब्ध कराने का कहा। इसके बाद रुपए अरेंज कर आने का कहकर वह व्यक्ति वापस आ गया। यहां मैंने 4500 रुपए, जिसमें 500 के 7 नोट, 200 के 4 नोट और 100 के 2 नोट निकाले। नोट के सीरियल नंबर कैमरे में कैद किए और उस व्यक्ति को वही नोट देकर दलाल के पास भेजा। जो व्यक्ति दलाल से मिलने गया था, रिकॉर्डिंग ऑन कर एक कैमरा भी उसकी जेब में रख दिया, जिससे उनके बीच की बातें रिकॉर्ड हो जाए। रुपए लेकर गए व्यक्ति को दलाल ने कहा- आप रुकिए डोनर आ रहा है। ब्लड डोनर के आने का इंतजार नहीं करते हुए पहले से मौके पर मौजूद पुलिस ने दलाल को पकड़ लिया। दलाल ने अपना नाम रजनीश पिता शुभकरण साहू निवासी जैतवारा बताया। मौके पर पहुंच एसडीएम ने रुपए लेकर गए व्यक्ति से पूछा कि आपको किसने कहा था वह ब्लड अरेंज करवा देगा। उसके बताने पर टीम ने मौके से ही मोहम्मद कैफ नामक व्यक्ति को कपड़ लिया। इनके गिरफ्त में आने के बाद कार्रवाई कर रही पुलिस को एक परिजन ने आकर बताया कि भीतर भी एक व्यक्ति ब्लड की दलाली की बात कर रहा है। इस पर एक टीम भीतर पहुंची और अनिल गुप्ता नाम के व्यक्ति काे पकड़कर थाने ले गई। पुलिस के अनुसार-पूरे मामले में 3 लोगों को पकड़ा है। एक वह जो 4500 रुपए में डोनर से ब्लड दिला रहा था। दूसरा वह, जिसने दलाल के बारे में बताया था। तीसरा अस्पताल परिसर में ब्लड की दलाली कर के लिए घूम रहा था। प्रारंभिक पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपी काफी समय से जिला अस्पताल के आसपास सक्रिय था और जरूरतमंद मरीज और उनके परिजनों को अपने जाल में फंसाकर अवैध रूप से ब्लड उपलब्ध कराने का धंधा कर रहा था। पुलिस जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है और उसका संबंध अस्पताल के भीतर या ब्लड बैंक से जुड़े किसी कर्मचारी से तो नहीं है।


