सत्संग और सुमिरन से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग: स्वामी वेद

लुधियाना| शिवपुरी स्थित आश्रम में अनंत विभूति 1008 महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज के सान्निध्य में विशेष मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। स्वामी ने श्रद्धालुओं को जीवन की सार्थकता का बोध कराते हुए कहा कि प्रभु नाम का सिमरन ही वह एकमात्र कुंजी है, जिससे चौरासी लाख योनियों के चक्र से मुक्ति मिल सकती है। सत्संग का शुभारंभ विधिवत गणेश वंदना से हुआ। इसके पश्चात महिला संकीर्तन मंडल ने भजनों की अमृत वर्षा कर उपस्थित संगत को निहाल कर दिया। मेरा भोला है भंडारी और सतगुरु बैठ मेरे कोल तैनू देखदा रहा जैसे सुरीले भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। स्वामी वेद भारती ने कहा कि मानव जीवन बड़े पुण्यों के बाद प्राप्त होता है, इसे व्यर्थ की चिंताओं में नहीं गंवाना चाहिए। सत्संग और सुमिरन ही वह मार्ग है जो इंसान को आवागमन के बंधन से मुक्त कर मोक्ष के द्वार तक ले जाता है। कार्यक्रम के समापन पर स्वामी प्रिया भारती, स्वामी अमिता भारती और स्वामी चैतन्य भारती सहित अन्य संतों ने प्रभु की दिव्य आरती उतारी। स्थानीय श्रद्धालुओं ने स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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