भास्कर न्यूज | गुमला गुमला जिले की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने 31 जुलाई को सदर अस्पताल के सामने विराट धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शुरू होगा। एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी ने आम जनता से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।गुमला जिले में कुल 12 प्रखंड हैं। पूरे जिले के मरीजों के इलाज के लिए एकमात्र सदर अस्पताल है। यहां सिर्फ 100 बेड हैं, जबकि आबादी के अनुसार 300 से 400 बेड की जरूरत है। अस्पताल में वार्ड और डॉक्टरों की संख्या भी बहुत कम है। जरूरी मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। जांच की सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को जरूरी दवाएं भी नहीं मिल पातीं। इलाज और दवा की कमी से आए दिन मरीजों की मौत हो जाती है।एसोसिएशन का कहना है कि वे एक साल से लगातार इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। कुछ सुधार हुए हैं, लेकिन पूरी व्यवस्था में बदलाव के लिए जिले के सभी नागरिकों को सड़क पर उतरना होगा। गुमला आदिवासी बहुल जिला है। यहां रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। बड़ी आबादी दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जाती है। वहां उन्हें अपमान सहना पड़ता है। कई बार महिलाओं की अस्मिता भी खतरे में पड़ जाती है।एसोसिएशन ने अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए 8 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी तरह के विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, रात में डॉक्टर की उपलब्धता, जांच मशीन और टेक्नीशियन की व्यवस्था, बेड की संख्या 400 तक बढ़ाना, वार्ड की संख्या 100 करना, सभी जरूरी दवाएं मुफ्त देना और 24 घंटे दवा काउंटर चालू रखना शामिल है। साथ ही ब्लड बैंक में सभी ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रखने और ब्लड स्टोरेज के लिए मशीनें लगाने की मांग की गई है। इसलिए एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रसव कराने वाली महिलाओं से 1000 रुपए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए 1500 से 2000 रुपए तक वसूले जाते हैं। इसे तुरंत बंद करने की मांग की गई है।देवकी देवी ने कहा कि यह पर्चा आम लोगों की जीवन रक्षा की आवाज है। इसे सब मिलकर आगे बढ़ाएं। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सुबह 10 बजे परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम के पास सभी को एकत्र होने का आह्वान किया गया है।


