भास्कर न्यूज|गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के तहत, डीआरडीए निदेशक विद्या भूषण ने हाल ही में सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता का आकलन करना था। निरीक्षण के दौरान, निदेशक ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था की गहन समीक्षा की और साथ ही वार्डों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और ओपीडी सेवाओं की प्रभावशीलता की भी जांच की। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी मरीज को दवा की कमी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के समय, निदेशक ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। मरीजों और उनके रिश्तेदारों ने अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया, जो अस्पताल प्रशासन के लिए एक सकारात्मक संकेत है। निरीक्षण के दौरान, कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए: ओपीडी में 380 मरीजों का पंजीकरण हुआ। 12 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। 7 सामान्य प्रसव और 2 सी-सेक्शन किए गए। यह भी पाया गया कि अस्पताल में 555 प्रकार की दवाएं उपलब्ध थीं और आपातकालीन सेवाएं 24×7 सक्रिय थीं। मरीजों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन और आहार उपलब्ध कराया जा रहा था, जो उनके शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक है। निरीक्षण के अंत में, डीआरडीए निदेशक ने अस्पताल प्रशासन की सराहना की और उन्हें साफ-सफाई एवं सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने मरीजों को और भी बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने पर विशेष बल दिया, ताकि सदर अस्पताल एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य कर सके। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में डीआरडीए निदेशक विद्या भूषण द्वारा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में अस्पताल में 380 मरीजों का ओपीडी निबंधन, 12 आयुष्मान कार्ड निर्गत, 7 सामान्य प्रसव और 2 सी-सेक्शन दर्ज पाए गए। अस्पताल में 555 प्रकार की दवाएं उपलब्ध थीं तथा आपातकालीन सेवाएं 24×7 सक्रिय पाई गईं। मरीजों को नियमित रूप से भोजन एवं पोषक आहार उपलब्ध कराया जा रहा था। डीआरडीए निदेशक ने अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई एवं सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया और मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिला खनन विभाग द्वारा लोहरदगा के 13 बालू घाटों की ई-निविदा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जिला समाहरणालय सभा कक्ष में जिला खनन पदाधिकारी राजाराम प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित पूर्व-प्रशिक्षण सह प्री-मीटिंग में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने मौजूदा निविदा प्रक्रिया का विरोध किया। जानकारी के अनुसार, विभाग ने जिले के 13 बालू घाटों को दो समूहों में बांटकर नीलामी के लिए ई-टेंडर जारी किया है। समूह-ए में 8 घाट और समूह-बी में 5 घाट शामिल हैं। लेकिन स्थानीय प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर इस व्यवस्था को अस्वीकार किया और मांग की कि प्रत्येक घाट की नीलामी प्रति यूनिट आधार पर होनी चाहिए। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि समूह आधारित निविदा केवल उद्योगपतियों और बाहरी पूंजीपतियों के हित में है, जबकि इससे जिले के आम लोग वंचित हो जाएंगे। यदि निविदा रद्द कर प्रति यूनिट टेंडर नहीं निकाला गया तो स्थानीय लोग निविदा का लगातार बहिष्कार करेंगे। इस दौरान शकील अख्तर, प्रदीप राणा, कयूम अंसारी, सद्दाम अंसारी, कामिल टोपनो, आदित्य साहू ने विरोध जताया।


